डॉ. गिरीश भारद्वाज, जिन्हें 'भारत के सेतु पुरुष' के नाम से जाना जाता था, का 76 वर्ष की आयु में सुलिया में निधन हो गया। …और पढ़ें
भारत के सेतु पुरुष पद्मश्री डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन।
‘भारत के सेतु पुरुष’ पद्मश्री डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन।
76 वर्ष की आयु में सुलिया के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस।
देशभर में 140 से अधिक कम लागत वाले फुटब्रिज बनाए।
डिजिटल डेस्क, मंगलुरु। देशभर में भारत के सेतु पुरुष के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री सम्मानित डॉ. गिरीश भारद्वाज का मंगलवार तड़के कर्नाटक के सुलिया स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे।
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया निवासी मैकेनिकल इंजीनियर डॉ. भारद्वाज ने तीन दशकों से अधिक समय तक दूरदराज के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने का कार्य किया।
उन्होंने देशभर में 140 से अधिक कम लागत वाले सस्पेंशन फुटब्रिज बनाकर हजारों लोगों के जीवन को आसान बनाया। इन पुलों से ग्रामीणों को वर्षभर स्कूल, अस्पताल और बाजार तक सुरक्षित पहुंच मिल सकी।
उन्होंने वर्ष 1989 में पयस्विनी नदी पर अपना पहला सस्पेंशन पुल बनाया था। इसके बाद उनका कार्य कर्नाटक, केरल सहित कई राज्यों तक फैल गया।
ग्रामीण संपर्क और सामाजिक सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2017 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। उनके निधन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)