Shreeom Singh
Date: 19-10-26 12:53
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान के दौरे पर रहेंगे. एक दशक से ज्यादा समय बाद मालदीव का कोई राष्ट्रपति पाकिस्तान जा रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के न्योते पर हो रही इस यात्रा पर भारत की भी नजर रहेगी. दोनों देशों के बीच 1966 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे.
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मुइज्जू इस दौरे में शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. रक्षा और सैन्य सहयोग को लेकर भी बातचीत की संभावना जताई जा रही है.
मुइज्जू के पाकिस्तान दौरे से भारत की चिंता क्यों?
इस दौरे के दौरान पाकिस्तान-मालदीव बिजनेस फोरम भी आयोजित होगा. इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा और सैन्य सहयोग से जुड़ा समझौता भी हो सकता है. इससे हिंद महासागर में पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका को लेकर भारत की रणनीतिक चिंता बढ़ सकती है. हालांकि, भारत के खिलाफ किसी नई रणनीति की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
SAARC को फिर शुरू करने की कोशिश
मुइज्जू लंबे समय से ठप पड़े दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) को फिर से सक्रिय करने की अपील भी कर रहे हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण यह संगठन लंबे समय से निष्क्रिय है. ऐसे में इसे दोबारा शुरू करने की पहल को दोनों देशों के रिश्तों के नजरिए से भी देखा जा रहा है.
मालदीव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत उसकी अर्थव्यवस्था को संभालने में मदद कर रहा है. हाल ही में भारत ने 3,000 करोड़ रुपये के करेंसी स्वैप समझौते को आगे बढ़ाया है. ऐसे में पाकिस्तान के साथ मालदीव के बढ़ते संपर्कों पर भारत की नजर रहेगी.
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