पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फारूकाबाद में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सिंह सभा साहिब को ध्वस्त किए जाने के विरोध में गोलूवाला में सिख संगठनों ने रोष मार्च निकाला। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें भारत सरकार से पाकि
ज्ञापन में बताया गया कि फारूकाबाद में करीब 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा साहिब को ध्वस्त किया गया है। सिख समाज ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दुनिया भर के करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं पर गंभीर आघात बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह मामला केवल एक धार्मिक स्थल के विध्वंस तक सीमित नहीं है। यह पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और उनके संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा है। ऐसे मामलों से अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
सिख संगठनों ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान सरकार के समक्ष इस पूरे प्रकरण को मजबूती से उठाए। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।
ज्ञापन में गुरुद्वारा श्री सिंह सभा साहिब के पुनर्निर्माण तथा पाकिस्तान में सिख व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन पर गुरुद्वारा श्री सिंह सभा प्रबंधन समिति गोलूवाला के पदाधिकारियों और विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर हमले किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक हैं और ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीरता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस मामले में प्रभावी पहल कर सिख समुदाय की भावनाओं के अनुरूप उचित कार्रवाई करेगी।
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