मुंबई के एक स्टूडियो में गुरुवार को 17 बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी रोहित आर्य ने अपने वीडियोग्राफर से कहा था कि वे बच्चों को बंधक बनाए जाने के हालात की शूटिंग करेंगे। तब वीडियोग्राफर को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि आर्य के दिमाग में क्या चल रहा है और वह असल में ऐसी साजिश रच रहा है। आर्य ने गुरुवार को पवई स्थित आर ए स्टूडियो के अंदर 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बना लिया था, जिसके बाद एक बचाव अभियान के दौरान पुलिस की गोलीबारी में वह मारा गया।
क्या-क्या हुआ था
वीडियोग्राफर रोहन अहीर ने शुक्रवार को मीडिया के सामने घटनाक्रम का ब्योरा दिया, जो पिछले 10 वर्षों से आर्य के साथ काम कर रहे थे। वह तीन घंटे के बंधक संकट के चश्मदीद हैं। अहीर ने बताया कि पवई स्थित एक स्टूडियो में आर्य द्वारा कथित तौर पर एक वेब सीरीज के वास्ते लिये जा रहे ‘ऑडिशन’ बुधवार तक खत्म हो गए थे, लेकिन आर्य ने उन्हें एक और दिन के लिए बढ़ा दिया।
अहीर ने बताया कि उन्होंने आर्य की विभिन्न पहल के लिए शूटिंग की थी, जिनमें ‘स्वच्छता मॉनिटर’ और ‘लेट्स चेंज’ जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। बुधवार को आर्य ने अहीर को शूटिंग के लिए पांच लीटर पेट्रोल और पटाखे लाने को कहा, लेकिन अहीर ने निर्देशों का पालन नहीं किया क्योंकि स्टूडियो में बच्चे भी थे।
स्पॉट बॉय ने क्या कहा
जब अहीर गुरुवार सुबह स्टूडियो पहुंचे, तो एक ‘स्पॉट बॉय’ ने उन्हें बताया कि ऊपर स्टूडियो में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। अहीर ने बताया कि कुछ देर बाद, आर्य खुद नीचे आया और उनसे कहा कि वह आग वाला एक दृश्य शूट करना चाहता है, और वह इसके लिए रसायन की बोतलें लाया है।
बच्चों के सामने लगा दी आग
आर्य ने अहीर को स्टूडियो के दरवाजे और सभी प्रवेश द्वार बंद करने के लिए भी कहा। अहीर ने बताया कि इसके बाद, आर्य ने रसायन फैलाया और बच्चों के सामने आग लगा दी। अहीर और अन्य लोग डर गए तथा उन्होंने आर्य को ऐसा करने से मना किया, इसलिए आर्य ने एक ‘एयर गन’ तानकर अहीर को दूर रहने को कहा। अहीर ने बताया कि वह स्टूडियो से बाहर भागे और बाहर खड़े लोगों से कहा कि वे पुलिस को बुलाएं।
आंखों में छिड़का मिर्च स्प्रे
अहीर ने बताया कि इसके बाद वह ऊपर गए और अंदर मौजूद बच्चों को बचाने की कोशिश में स्टूडियो की एक खिड़की के शीशे को हथौड़े से तोड़ दिया। इससे उनका हाथ घायल हो गया। आर्य ने अहीर की आंखों में मिर्च का स्प्रे छिड़क दिया, जिससे वह सीढ़ियों से नीचे गिर गये। हालांकि, अहीर ने अंदर मौजूद एक बुजुर्ग महिला को बाहर आने में मदद की, और इस दौरान महिला के सिर में भी चोट लग गई।
इस बीच, पुलिस मौके पर पहुंच गई और आर्य से बातचीत शुरू कर दी। अहीर ने बताया कि वह फिर से स्टूडियो में घुसे और बच्चों को अपने साथ बाहर जाने को कहा, लेकिन चार बच्चे अंदर ही रह गए। तब तक पुलिस स्टूडियो में घुस चुकी थी। अहीर ने बताया कि जब वह बाकी बच्चों को बाहर निकालने के लिए लौटे, तो उन्होंने गोलियां चलने की आवाज सुनी।
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