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बुधवार को दिल्ली में हड़कंप मच गया जब 50 से ज्यादा स्कूलों को एक जैसे बम धमकी वाले ईमेल मिले. एसकेवी हौज़ रानी (मालवीय नगर) और आंध्रा स्कूल (करोल बाग) जैसे स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों को तुरंत बाहर निकाला गया. पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के बाद पुष्टि की कि सभी धमकियां झूठी थीं. ये डरावनी लहर 48 घंटों में दूसरी बार आई. इससे पहले सोमवार को 32 स्कूलों को निशाना बनाया गया था.
इस साल अब तक का ट्रेंड
जनवरी से अगस्त तक, दिल्ली-एनसीआर में 150 से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों को इस तरह के फर्जी धमकी भरे मेल मिल चुके हैं. हर बार नतीजा एक जैसा रहा — सायरन, इवैक्यूएशन ड्रिल, घबराए हुए पैरेंट्स, भारी पुलिस तैनाती, और आखिर में खाली हाथ लौटती बम स्क्वॉड टीमें. जनवरी 8 और 9 को 10 से ज्यादा स्कूलों को धमकी मिली थी. इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमिटी स्कूल (साकेत), सलवान पब्लिक स्कूल और मॉडर्न स्कूल (वसंत विहार) शामिल थे. फरवरी 6 को नोएडा के चार स्कूलों को मेल मिला. उसके अगले दिन (7 फरवरी) तीन और संस्थानों एल्कॉन इंटरनेशनल (मयूर विहार फेज-1), शिव नादर (नोएडा), और सेंट स्टीफंस कॉलेज को टारगेट किया गया. उसके बाद करीब चार महीने तक हालात शांत रहे.
जुलाई में सबसे बड़ा बम स्केयर
जुलाई से यह ट्रेंड अचानक बड़े पैमाने पर लौटा. 14 जुलाई को नेवी चिल्ड्रेन स्कूल (चाणक्यपुरी), सीआरपीएफ स्कूल (द्वारका सेक्टर-16) और सीआरपीएफ स्कूल (प्रशांत विहार) को धमकी मिली. 15 जुलाई को सेंट थॉमस स्कूल (द्वारका), सेंट स्टीफंस कॉलेज और रोहिणी के एक स्कूल को मेल भेजा गया. 16 जुलाई को पांच और स्कूलों को धमकी मिली. और फिर 18 जुलाई को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के 45 से ज्यादा स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले. सिर्फ द्वारका में ही छह स्कूल प्रभावित हुए. इतना ही नहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी के तीन प्रमुख कॉलेज इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, हिंदू कॉलेज और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को भी मेल मिला.
अगस्त में भी जारी रहा सिलसिला
18 अगस्त को सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:25 बजे के बीच 32 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले. इनमें ज्यादातर स्कूल डीपीएस द्वारका, बीजीएस इंटरनेशनल, श्री वेंकटेश्वर और ग्लोबल स्कूल द्वारका इलाके में थे. डीपीएस द्वारका ने तो बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया. पुलिस और फायर सर्विसेज ने तुरंत कई टीमें भेजीं, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने कैंपस खंगाले. घंटों की जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. और आज फिर दिल्ली ने सबसे बड़ा बम स्केयर देखा, जब 50 से ज्यादा स्कूलों को एक जैसे धमकी मेल मिले.
क्या चाहते हैं ये लोग?
ईमेल भेजने वाला खुद को “Terrorisers 111” बताता है. बुधवार के मेल में $2,000 ईथरियम की डिमांड रखी गई. इसी ग्रुप ने 18 अगस्त की धमकी में क्रिप्टोकरेंसी में 5,000 डॉलर मांगे थे. ईमेल में दावा किया गया कि स्कूल कैंपस में हाई-यील्ड सी4 विस्फोटक लगाए गए हैं. पिछले साल 9 दिसंबर को दिल्ली के करीब 40 स्कूलों को बम धमकी वाली ईमेल मिलीं, जिनमें 30,000 डॉलर की मांग थी. पिछले साल दिल्ली के 200 से ज्यादा स्कूलों को ऐसी ईमेल मिलीं.
बढ़ाई सुरक्षा
स्कूलों को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने नए सेफ्टी रूल्स लाए हैं, जो दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर तैयार किए गए. ये चार मुख्य क्षेत्रों रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और रिकवरी को कवर करते हैं. स्कूलों को ज्यादा सीसीटीवी लगाने, नियमित निकासी ड्रिल करने, सेफ्टी चेक अपडेट करने और दिव्यांग बच्चों के लिए इमरजेंसी में सपोर्ट सुनिश्चित करने को कहा गया है. हर स्कूल को अब मासिक सेफ्टी रिपोर्ट जिला अधिकारियों को भेजनी होगी.
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