देवरिया, निज संवाददाता। बिना फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों को भी उर्वरक मिलेगा। किसानों की खतौनी में दर्ज रकबे के अनुसार उर्वरक दिया जायेगा। किसानों की समस्याओं को देख कृषि विभाग ने उर्वरक वितरण में संशोधन किया है। खरीफ में फसलों की बुवाई के साथ फास्फेटिक और यूरिया की डिमांड बढ़ने लगी है। खरीफ सीजन में जिले में 136205 हेक्टेयर में धान की बुवाई की जायेगी। इसके लिए किसान नर्सरी तैयार करने में जुट गये हैं। इसके अलावा मोटे अनाज में मक्का तथा दलहनी, तिलहनी फसकी की भी खेती होगी। सीधे धान की बुवाई शुरू हो गयी हैं, जबकि कुछ जगहों पर पंपसेट से पानी चलाकर धान की रोपाई भी होने लगी है।
किसान मोटे अनाज व दलहनी, तिलहनी फसलों की बुवाई भी करने लगे। इसके साथ फास्फेटिक खाद व यूरिया की मांग बढ़ने लगी है। उर्वरक वितरण में यह नियम लागू किया गया कि जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है उन्हे उर्वरक नहीं मिलेगा। इससे काफी किसान परेशान हो गये। यह देख कृषि विभाग ने समसत फुटकर उर्वरक विक्रेताओं व साधन सहकारी समितियों को निर्देशित किया है कि जिन किसानों का फार्मर आईडी नहीं बना है उनकों खेत की खतौनी में अंकित क्षेत्रफल व बोई गयी फसलों के आधार पर उर्वरक दिया जायेगा।जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि किसान खतौनी व आधार कार्ड उर्वरक विक्रेता को उपलब्ध कराकर अपनी जोत और बोई गयी फसलों के अनुसार उर्वरक की खरीदारी कर सकते हैं। किसी भी किसान को फार्मर आईडी के अभाव में उर्वरक देने से मना नहीं किया जायेगा।
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