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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होंगे, लेकिन नतीजों से पहले ही बंगाल में माहौल गरमा गया है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और घंटों तक अंदर रहीं.
स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकलकर ममता बनर्जी ने कहा, “मैं यहां इसलिए आई हूं क्योंकि यहां ईवीएम के लिए स्ट्रॉन्ग रूम है. हमें कई जगहों पर गड़बड़ी मिली है. जब मैंने इसे टीवी पर देखा, तो मैंने सोचा कि मुझे यहां आना चाहिए.”
ममता ने आगे कहा कि उन्हें केंद्रीय बलों ने रोकने की कोशिश की. ममता ने बताया कि जब मैंने कहा मुझे जाने का अधिकार है. चुनाव नियमों के अनुसार उम्मीदवारों को सीलबंद कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है. तब मुझे जाने दिया गया. साथ ही ममता ने यह भी कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई तो हम उसके लिए लड़ेंगे.
बता दें, टीएमसी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास हलचल हो रही है.
चुनाव आयोग ने आरोपों को नकारा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम ठीक से सील किए गए हैं और कोई भी उन कमरों में प्रवेश नहीं कर सकता.
वहीं, मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने हिंसा के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ का रवैया अपनाने के लिए कहा है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं.
तृणमूल कांग्रेस ने लगाए आरोप
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि मनोज कुमार अग्रवाल को देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय अपने संवैधानिक दायित्वों को प्राथमिकता देनी चाहिए. जब वे दिखावे में व्यस्त हैं, तब बीजेपी को सीसीटीवी में नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद बैलेट बॉक्स को जबरन खोलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है. जबकि पार्टी का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था.
यह लोकतंत्र को लूटने की कोशिश है, जिसे चुनाव आयोग की आपराधिक लापरवाही से बढ़ावा मिल रहा है. क्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी वास्तव में हमसे यह अपेक्षा करते हैं कि जब ममता जनता के जनादेश की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही हैं, तब हम चुप रहें?
Our media-savvy @CEOWestBengal, Mr. Manoj Kumar Agarwal, should prioritise his constitutional mandate over late-night press conferences. While he is busy managing optics, @BJP4India has been caught on CCTV attempting to forcefully breach sealed ballot boxes at the Netaji Indoor… pic.twitter.com/saeBC7n9n5
एक्स पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा है कि यह बंगाल है. हम बिहार, महाराष्ट्र या दिल्ली नहीं हैं. हम आपकी इस साजिश में साथ नहीं देंगे. हर कार्रवाई का बराबर और विपरीत जवाब दिया जाएगा. वोट की रक्षा कीजिए, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए.
इस बीच बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि, ममता बनर्जी का यह नाटकीय रवैया शायद पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है. हालात क्या इशारा कर रहे हैं, यह साफ दिख रहा है और उससे ध्यान भटकाने की बेताबी भी साफ नजर आ रही है.
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