बीएचयू में लागू हुई केंद्रीय स्वास्थ्य योजना – Live Hindustan

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू में लंबे समय से की जा रही सीजीएचएस (केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना) की मांग को लागू कर दिया गया है। गुरुवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कमेटी की अनुशंसाओं को स्वीकृति दे दी। देरशाम जारी अधिसूचना में बीएचयू ने अपने हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सकीय संबल प्रदान किया है। इसके लिए 40 से ज्यादा अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। जून के अंत तक इन अस्पतालों के साथ एमओयू कर लिया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था में बीएचयू के कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में इलाज के बाद उनकी दरों पर भुगतान करना होता है, जबकि बीएचयू से उन्हें सीजीएचएस की निर्धारित दरों पर प्रतिपूर्ति दी जाती है। ऐसे में शेष राशि का भार कर्मचारी को ही उठाना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत बीएचयू दिल्ली एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता सहित अन्य राज्यों की राजधानियों और वाराणसी के निजी अस्पतालों के साथ एमओयू करेगा। यहां बीएचयू के शिक्षकों और कर्मचारियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शुरुआत में यह व्यवस्था किसी भी अस्पताल के साथ एमओयू की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक के लिए प्रभावी होगी। एमओयू के बाद पैनल में शामिल अस्पतालों की सूची बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट की जाती रहेगी और निजी अस्पतालों के साथ समझौते की प्रक्रिया चलती रहेगी。
नई व्यवस्था पर कुलपति ने कहा कि बीएचयू के कर्मचारियों के परिवार और पेंशनभोगी देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं। हमें ख़ुशी है कि इस दिशा में हम सकारात्मक प्रगति कर रहे हैं। समय के साथ इस व्यवस्था में सुधार भी किये जाते रहेंगे।
बीएचयू ने सीजीएचएस के लाभार्थी कर्मचारियों को चार समूह में बांटा है। इनमें मौजूदा कर्मचारी और उनके परिजन, 70 वर्ष तक की आयु के वाराणसी में रहने वाले पेंशनभोगी और परिवार, वाराणसी में रह रहे 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी और परिवार और वाराणसी से बाहर रह रहे पेंशनभोगी और परिवार। वाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों को उपचार के लिए बीएचयू से रेफरल आवश्यक होगा, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर बिना रेफरल सीधे उपचार प्राप्त कर सकेंगे। जांच एवं उपचार के खर्च का प्रतिपूर्ति निर्धारण मुख्यतः सीजीएचएस दरों के अनुसार किया जाएगा। आपातकालीन उपचार, दवा प्रतिपूर्ति और अन्य मामलों में विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य योजना, सीजीएचएस एवं सीसीएस (मेडिकल अटेंडेंस) नियम लागू होंगे।
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शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग
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