भारतीयों की जुबान पर चढ़ी जापान की माचा, गूगल सर्च में 1300% का उछाल – Jagran

जापान की माचा चाय भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसकी गूगल सर्च में 1300% तक की वृद्धि देखी गई है।
भारतीयों की जुबान पर चढ़ी जापान की माचा।
माचा चाय की गूगल सर्च में 1300% की वृद्धि।
स्वास्थ्य लाभ और विभिन्न उत्पादों में बढ़ती रुचि।
दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ में माचा की सबसे अधिक खोज।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान की माचा चाय अब भारतीयों की जुबान पर चढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया से शुरू हुई इसकी चर्चा अब गूगल सर्च के टॉप ट्रेंड में पहुंच गई है। लोगों में इस चाय को लेकर इतनी दिलचस्पी बढ़ी है कि पिछले साल की तुलना में ‘माचा चाय कैसे बनाएं’ की खोज में 1300 प्रतिशत का उछाल आया है। ‘माचा’ और ‘माचा क्या है’ की खोज भी सालभर में 50 प्रतिशत बढ़ी है।
गूगल के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के आखिर तक भारत में माचा को लेकर लोगों की उत्सुकता रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। पिछले अगस्त में तो ‘स्वाद में माचा कैसी लगती है’ की खोज में 5000 प्रतिशत से ज्यादा की अचानक बढ़ोतरी हुई। गूगल के अनुसार, इंस्टाग्राम पर बढ़ी लोकप्रियता ने भी माचा को चर्चा में लाने में बड़ी भूमिका निभाई।
माचा को लेकर लोगों की दिलचस्पी सिर्फ इसे पीने तक सीमित नहीं है। दिल्ली में ‘माचा नियर मी’ की खोज सबसे ज्यादा हुई। इसके बाद गोवा, चंडीगढ़ और कर्नाटक में लोगों ने अपने आसपास माचा की तलाश की।
माचा को भारतीय स्वाद के मुताबिक ढालने के प्रयोग भी खूब हो रहे हैं। गर्मियों में ‘मैंगो माचा’ की खोज 200 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ‘स्ट्राबेरी माचा’ की खोज में 400 प्रतिशत उछाल आया। मानसून में ‘डर्टी माचा’ और ‘कोकोनट माचा’ को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी।
अब माचा घरों में भी पहुंच रही है। पिछले साल ‘माचा किट’ की खोज दोगुनी हो गई। अगस्त में ‘माचा व्हिस्क’ और ‘माचा बाउल’ को लेकर भी लोगों ने खूब खोजबीन की।
सेहत को लेकर भी माचा में बढ़ती दिलचस्पी दिखाई दी। ‘माचा हेल्थ’ की खोज में 1000 प्रतिशत और ‘माचा प्रोटीन’ की खोज में 2500 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ‘क्या माचा में कैफीन होता है’ की खोज 70 प्रतिशत बढ़ी।
‘माचा बनाम काफी’ को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी।माचा का असर अब चाय के कप से आगे फैशन और सौंदर्य की दुनिया तक पहुंच गया है। ‘माचा शूज’, ‘माचा एंजाइम स्क्रब’, ‘माचा कैंडल’, ‘माचा फेसवाश’ और ‘माचा परफ्यूम’ जैसी चीजों को भी लोग गूगल पर खोज रहे हैं।
माचा एक प्रीमियम ग्रीन टी है। इसे खास तौर पर छाया में उगाई गई चाय की पत्तियों से तैयार किया जाता है। पत्तियों को बारीक पीसकर चमकीले हरे रंग का पाउडर बनाया जाता है।
आम ग्रीन टी में पत्तियों को पानी में भिगोकर बाद में निकाल दिया जाता है, जबकि माचा पाउडर को पानी में अच्छी तरह घोलकर पूरा पीया जाता है। यही वजह है कि इसमें चाय की पत्ती के कई घटक सीधे शरीर तक पहुंचते हैं। माचा में एंटीऑक्सीडेंट, अमीनो एसिड और प्राकृतिक कैफीन पाया जाता है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत करीब 3000 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News