एजुकेशन रिपोर्टर|दरभंगा
एमआर एम कॉलेज, दरभंगा के हिन्दी विभाग द्वारा “मध्यकालीन हिन्दी साहित्य एवं चित्रकला का अंतर्संबंध” विषय पर संगोष्ठी एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर छात्राओं का विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. एल. पी. जायसवाल ने की। मुख्य वक्ता प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि मध्यकालीन हिन्दी साहित्य के लगभग 50-60 ग्रंथों का चित्रकला से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि सूर, तुलसी, केशव, बिहारी एवं पद्माकर जैसे कवियों की रचनाओं पर आधारित चित्रकला ने साहित्य को दृश्य रूप प्रदान कर जनसंचार का प्रभावी माध्यम बनाया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. एन. चौरसिया ने साहित्य और चित्रकला को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि दोनों ने समान सांस्कृतिक-धार्मिक परिवेश में विकसित होकर जीवन-दर्शन की अभिव्यक्ति की है। प्रो. जायसवाल ने कहा कि चित्रकला और साहित्य परंपराओं को जीवित रखने के सशक्त माध्यम हैं।
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