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भारत के सबसे फेमस यूट्यूबर्स में से एक सौरव जोशी इन दिनों अपनी करोड़ों की लग्जरी कार को लेकर काफी परेशान हैं. उनके हालिया वीडियो व्लॉग ‘Race With Brothers. Kon Jeetega?’ ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है. 41 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले सौरव ने लाइव कैमरे पर अपनी मर्सिडीज-बेंज SUV के डैशबोर्ड के आंकड़े दिखाते हुए दावा किया कि गाड़ी का माइलेज अचानक से बहुत कम हो गया है.
उन्होंने इसके लिए देश में मिल रहे इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (Ethanol-Blended Petrol) को जिम्मेदार ठहराया है. सौरव की इस चिंता ने उन लाखों गाड़ी मालिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, जो अपनी गाड़ियों में रोज पेट्रोल भरवा रहे हैं.
सिर्फ 48 घंटे में 17 से 5 पर आया माइलेज
उत्तराखंड के हल्द्वानी के रहने वाले सौरव जोशी ने अपने व्लॉग में बताया कि महज दो दिनों के अंदर उनकी लग्जरी जर्मन कार का माइलेज बुरी तरह गिर गया. उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि जिस कार का माइलेज पहले 17 किलोमीटर प्रति लीटर के आसपास था, वह अचानक घटकर 9 पर आ गया. बात यहीं नहीं रुकी, अगले ही दिन डैशबोर्ड पर यह आंकड़ा सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति लीटर दिखाने लगा. सौरव ने सीधे तौर पर लोकल पेट्रोल पंपों से मिलने वाले ईंधन को इसका कसूरवार ठहराया और कहा कि यह सब इथेनॉल मिक्स पेट्रोल की वजह से हो रहा है.
I am scared to fill ethanol-blended petrol in my car. My Mercedes used to give 16–17 km/l mileage, but now it’s dropped to 5. My car will be ruined soon.
—India’s biggest vlogger, Saurav Joshi pic.twitter.com/IQgSgogFHm
इस वीडियो में सौरव की पत्नी और को-व्लॉगर अवंतिका भट्ट ने भी अपनी चिंता और गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि इतनी महंगी गाड़ी पर भारी-भरकम पैसे खर्च करने के बाद भी ऐसा नतीजा मिल रहा है. अवंतिका ने बताया कि पहले गाड़ी की टंकी फुल कराने पर करीब 800 किलोमीटर तक की रेंज मिलती थी, लेकिन अब रीफिल कराने के बाद गाड़ी का सिस्टम सिर्फ 480 किलोमीटर की अनुमानित रेंज ही दिखा रहा है. माइलेज के इस बड़े झटके ने उन्हें डरा दिया है कि कहीं कार के पेट्रोल इंजन में कोई बड़ी मैकेनिकल खराबी न आ जाए.
छोटे शहरों में लग्जरी कार खराब होने का डर
सौरव जोशी ने बातचीत में यह भी साफ किया कि उनके पास मर्सिडीज की ही एक इलेक्ट्रिक SUV (G-Wagon) भी है, इसलिए उसमें इथेनॉल को लेकर ऐसी कोई टेंशन नहीं होती. लेकिन इस पेट्रोल गाड़ी को लेकर डर बना रहता है. सौरव का कहना है कि हल्द्वानी जैसे उपनगरों या छोटे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए मर्सिडीज जैसी प्रीमियम गाड़ी का खराब होना एक बड़ी आफत है. अगर गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो उसे ठीक कराने के लिए सीधे दिल्ली भेजना पड़ेगा. ऐसे में न सिर्फ पेट्रोल पर फालतू खर्च हो रहा है, बल्कि गाड़ी खराब होने पर रिपेयरिंग का खर्च भी होगा.
ये व्लॉगर सौरभ जोशी है, कहते है –
इनकी मर्सिडीज पहले 17 का माइलेज देती थी जो इथेनॉल मिक्सिंग के बाद अब 5 का माइलेज देने लगी है।
कोरा झूठ बोल रहे है-
6-10% माइलेज निश्चित रूप से कम हो रहा है, लेकिन इतना।
दूसरी बात- अपने पास तो नहीं है पर मुझे नहीं लगता कोई भी मर्सिडीज 17 का… pic.twitter.com/97rPKCN3Nv
मर्सिडीज-बेंज के CEO ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद और ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों पर मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर का भी बयान सामने आया है. उन्होंने माना कि कई ग्राहक इस मुद्दे को लेकर डीलरशिप से पूछताछ कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि कंपनी ने साल 2020 के बाद जो भी गाड़ियां बेची हैं, वे इथेनॉल मिश्रण को झेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अय्यर ने असली उंगली पेट्रोल पंपों पर होने वाली अवैध मिलावट की तरफ उठाई. उन्होंने दावा किया कि E20 (20% इथेनॉल मिक्स) के नाम पर ईंधन में मिलावट का खेल बढ़ गया है.
नितिन गडकरी ने दावों को बताया ‘झूठा नैरेटिव’
दूसरी तरफ, भारत सरकार प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए देशभर में 20 फीसदी इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) के नियम को तेजी से लागू कर रही है. सोशल मीडिया पर इंजन खराब होने और जंग लगने के दावों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इन बातों को ‘सोची-समझी झूठी कहानी’ (गलत नैरेटिव) करार दिया. गडकरी ने चुनौती देते हुए कहा कि E20 पेट्रोल के कारण कार खराब होने का अब तक एक भी प्रामाणिक मामला सामने नहीं आया है और सोशल मीडिया पर केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं.
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