दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में लगातार लूका-छिपी का खेल खेल रहा है. जून के महीने में लगातार चिलचिलाती गर्मी और हल्की बुंदाबांदी के बाद जुलाई महीने के पहले हफ्ते में राहत की बारिश शुरू हुई थी, लेकिन दूसरा हफ्ता आते-आते तक मानसून एक बार फिर से सुस्त पड़ गया है. दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से वाले कई राज्यों में इसका सुस्त पड़े मानसून का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, जहां लोग बारिश के रुकने के बाद उमस भरी गर्मी से काफी ज्यादा परेशान हैं.
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के अचानक सुस्त पड़ने के पीछे कुछ कारण बताए हैं. साथ ही, यह भी बताया है कि अब दोबारा फिर से कब और कहां-कहां मूसलाधार बारिश होने की संभावनाएं हैं.
मानसून पर अचानक क्यों लग गया ब्रेक?
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मानसून के अचानक ब्रेक लगने के पीछे दो मुख्य कारणों का जिक्र किया है. पहला- मानसून ट्रफ यानि कम दबाव के इलाके वाली रेखा की स्थिति में बदलाव हो रहा है. यह अपनी वास्तविक स्थिति से हटकर तलहटी की ओर मुड़ गई है. यानी मानसून का ट्रफ अचानक से उत्तर दिशा की तरफ शिफ्ट हो गया है, जिससे दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों जैसे मैदानी क्षेत्रों में बरसात की गतिविधियों पर अचानक ब्रेक लग गया है.
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
(i) पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल एवं बिहार में अगले 2–3 दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4–5 दिनों तक कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। मेघालय में आज, 12 जुलाई 2026 को… pic.twitter.com/epEqhGZrGw
इसके अलावा, दूसरा कारण बंगाल की खाड़ी में किसी भी मजबूत सिस्टम का एक्टिव न होना भी है. मौसम विभाग के एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र एक्टिव नहीं है. इसकी वजह से जो मानसून की हवाएं होती हैं, वो आगे नहीं बढ़ पा रही हैं और इन्हीं दो प्रमुख कारणों की वजह से भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल धीमी पड़ गई है और बारिश नहीं हो रही है.
अब दोबारा कब होगी मूसलाधार बारिश?
हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने परेशानी का कारण बताते हुए राहत की जानकारी भी दी है. वेदर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में मानसून ट्रफ दोबारा से दक्षिण की तरफ अपना रुख कर सकता है. जिससे भारत के उत्तर-पूर्व, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है.
इसके अलावा, अगले 6-7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों के कमजोर (Subdued) रहने की संभावनाएं हैं.
यह भी पढ़ेंः Explained: कहीं रिमझिम तो कहीं सूखा क्यों? 15 राज्यों में कुल 72% कम बारिश, क्या बिना बरसे गुजर जाएगा मानसून?
पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है.
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.