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ईरान के साथ जारी जंग खत्म करने के लिए अमेरिका ने ईरान को एक प्रस्ताव भेजा था. अब इसको लेकर ईरान ने अपना जवाब दे दिया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, युद्ध खत्म करने के लिए प्रस्ताव का जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्द ही अमेरिका की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देगा. इस प्रस्ताव का मकसद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करना है. हालांकि, तेहरान की ओर से संकेत दिए गए थे कि वह अभी भी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है.
ट्रंप ने कहा था, “मुझे उम्मीद है कि रात तक एक पत्र मिलेगा. देखते हैं आगे क्या होता है.” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान जानबूझकर इस प्रक्रिया में देरी कर रहा है, तो उन्होंने कहा था कि इस बारे में जल्द पता चल जाएगा.
अमेरिका की ओर से प्रस्तावित समझौता एक पेज का 14 सूत्रीय ज्ञापन बताया जा रहा है, जिसका मकसद मौजूदा संघर्ष को रोकना और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच औपचारिक वार्ता की शुरुआत करना है.
इस प्रस्ताव के तहत ईरान परमाणु संवर्धन गतिविधियों पर रोक लगा सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने और ईरान की अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर विचार कर सकता है.
शांति वार्ता के बाद भी जंग रही जारी
बता दें कि इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुई यह जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. इसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है. हालांकि लगातार शांति की बातें सामने आ रही हैं और कुछ दिनों के लिए सीजफायर का ऐलान भी किया गया था, लेकिन धमकियों का दौर अभी भी जारी है. ऐसे में युद्ध पूरी तरह रुकता नजर नहीं आ रहा.
इससे पहले पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की कोशिशें की गई थीं, लेकिन वे पूरी तरह विफल रहीं. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का ऐलान भी किया था, हालांकि बाद में इस पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए गए.
इस बीच बताया जा रहा है कि ईरान की संयुक्त सशस्त्र बल कमान के प्रमुख अली अब्दोल्लाही ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की. मोजतबा खामेनेई ने अब्दोल्लाही को सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाने और दुश्मनों का मजबूती से सामना करने के निर्देश दिए हैं.
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा दुश्मन के सामने झुकेंगे
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, हम कभी भी दुश्मन के सामने सिर नहीं झुकाएंगे, और अगर संवाद या बातचीत की बात उठती है, तो तो इसका मतलब आत्मसमर्पण या पीछे हटना नहीं है बल्कि, हमारा लक्ष्य ईरान को अधिकारों को कायम रखना और राष्ट्रीय हितों को पूरी मजबूती के साथ रक्षा करना है.
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