मुंबई में बेस्ट के परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे बस सेवाएं ठप होने और दक्षिण मुंबई में बिजली आपूर् …और पढ़ें
मुंबई में बेस्ट बस के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल। (सोशल मीडिया)
बेस्ट परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल।
बस सेवाएं ठप, दक्षिण मुंबई में बिजली आपूर्ति प्रभावित।
कर्मचारी वेतन, बकाया और स्थायीकरण की मांग कर रहे।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘बेस्ट’ (BEST) के परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों की ‘संयुक्त कार्य समिति’ का आरोप है कि प्रशासन लंबे समय से उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
बता दें कि आज के इस हड़ताल से काफी लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस बात को ऐसे समझिए कि मुंबई में हर दिन लाखों लोग दफ्तर और घर आने-जाने के लिए बेस्ट बसों का इस्तेमाल करते हैं। हड़ताल के कारण बसों के पहिए थमने की आशंका है, जिससे ऑफिस जाने वाले आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर बेस्ट के बिजली विभाग के कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिसकी वजह से दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित होने का डर भी बना हुआ है।
बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति ने प्रशासन के सामने ये मुख्य मांगें रखी हैं-
बेस्ट (BEST) के बजट को मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुख्य बजट में शामिल किया जाए।
साल 2016 से 2026 तक के वेतन समझौते को लागू कर बकाया राशि तुरंत दी जाए।
रिटायर्ड कर्मचारियों का अटका हुआ पैसा तुरंत चुकाया जाए।
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को परमानेंट नौकरी दी जाए।
बेस्ट के खुद के स्वामित्व वाली 5,000 नई बसें खरीदी जाएं।
खाली पदों पर नई भर्ती और रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाए।
हालांकि मामले में बेस्ट प्रशासन का कहना है कि बस और बिजली दोनों ही बेहद जरूरी सेवाएं हैं। आम जनता को परेशानी से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन अत्यावश्यक सेवा कानून (MESMA) के तहत कार्रवाई करने पर भी विचार कर रहा है।
गौरतलब है कि मुंबई में इस समय मानसून का मौसम है, जिसके कारण पहले से ही ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेनों पर भारी दबाव रहता है। ऐसे में अगर बेस्ट बसें बंद होती हैं, तो लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और टैक्सियों पर भीड़ का बोझ अचानक बहुत बढ़ जाएगा। साथ ही, बिजली जाने से आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
ऐसे में फिलहाल पूरी मुंबई की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार, प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से इस समस्या का समाधान कब तक निकलता है।