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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के भांजे विक्रम सिंह राणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह 18 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए आत्महत्या की धमकी दे रहे हैं. राणा ने इसमें देहरादून पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. वीडियो में खुद को विक्रम सिंह राणा बताने वाले युवक ने कहा कि दिसंबर 2024 में उसने देहरादून पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन “आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई.” युवक ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात के आरोप भी लगाए हैं.
वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया. एसएसपी देहरादून ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि विक्रम सिंह की शिकायत की जांच सीओ मसूरी को सौंपी गई थी. प्रारंभिक जांच में मामला सिविल प्रकृति का पाया गया, जिसके चलते आवेदक को न्यायालय में वाद दायर करने की सलाह दी गई थी. एसएसपी के मुताबिक, यह जांच कुछ दिन पहले ही पूरी हुई है.
जांच के आदेश दिए गए
हालांकि, वीडियो के तूल पकड़ने और आवेदक की असंतुष्टि को देखते हुए एसएसपी ने मामले की पुनः जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. अब जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी को दी गई है, जो “सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल” करेंगे. पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर गंभीर आरोपों व आत्महानि जैसी धमकियों को संज्ञान में लिया जा रहा है और कानूनन आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा
इस बीच, मामले ने शहर में कानून-व्यवस्था और निवेश/आर्थिक विवादों के निपटारे को लेकर बहस भी छेड़ दी है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़े विवाद अक्सर सिविल कोर्ट के दायरे में आते हैं, लेकिन यदि धोखाधड़ी, जालसाजी या आपराधिक साजिश के तत्व मिलते हैं तो पुलिस जांच और एफआईआर भी जरूरी हो सकती है.
फिलहाल, पुलिस ने अपील की है कि कोई भी पक्ष सोशल मीडिया के जरिए तनाव बढ़ाने से बचे और उपलब्ध कानूनी मंचों का सहारा ले. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पुनः जांच में सामने आने वाले तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी.
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