मोदी कैबिनेट में होने जा रहा बदलाव! जानें क्यों बदला जा सकता है धर्मेंद्र प्रधान-सीतारमण समेत इन मंत्रियों का – India.Com

केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अलग-अलग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है.कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कहा जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले मोदी कैबिनेट में बदलाव हो सकता है. इसके तहत की फरफॉर्मेंस के आधार पर 6 मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं. कुछ मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है, जबकि 9 नए चेहरों को प्रमोट किया जा सकता है.

आइए जानते हैं, मोदी कैबिनेट में किन-किन मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं और क्यों? इन मंत्रियों का रिप्लेसमेंट कौन हो सकता है? जिन मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, उन्हें कौन सा नया रोल दिया जा सकता है? कौन से ऐसे नए चेहरे हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में प्रमोट किया जा सकता है?

न्यूज एजेंसी PII की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट फेरबदल की प्रक्रिया में जिन मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, उनमें सबसे पहला नाम मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बताया जा रहा है. निर्मला सीतारमण 3 सितंबर 2017 से 30 मई 2019 तक रक्षा मंत्री थीं.वह 31 मई 2019 से अब तक वित्त मंत्री और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री हैं.

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PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार में महंगाई पिछले 16 महीने के ऊंचे स्तर पर 3.9% पर पहुंच गई है. ऐसे में 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी हासिल करने के लिए किसी ऐसे शख्स के नेतृत्व की जरूरत है, जो टेक्नोक्रेट हो. जिसे मार्केट, इंटरनेशनल बिजनेस की अच्छी समझ हो.

निर्मला सीतारमण के रिप्लेसमेंट के तौर पर 2 नाम चल रहे हैं. पहला- पीयूष गोयल. दूसरा- पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास.
पीयूष गोयल क्यों: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते और रोल्स-रॉयस के साथ मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने पर प्रमुख चर्चाओं का नेतृत्व किया है. इसलिए इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिहाज से वित्त मंत्री के लिए गोयल की दावेदारी अहम मानी जा रही है.
शक्तिकांत दास क्यों: RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास भी इस सीतारमण को रिप्लेस कर सकते हैं.शक्तिकांत दास तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के रिटायर्ड IAS अफसर हैं. वो 2018 से 2024 तक RBI के गवर्नर रह चुके हैं. मोदी सरकार के बड़े आर्थिक फैसलों जैसे नोटबंदी और GST लागू करने में दास की अहम भूमिका रही थी. उन्हें बतौर RBI गवर्नर 3 बार एक्सटेंशन भी मिला था. इस दौरान इकोनॉमी अच्छी पोजिशन में थी. बैंकिंग रेगुलेशन भी मजबूत हुए थे. ऐसे में शक्तिकांत दास भी वित्त मंत्री बनने की रेस में शामिल हैं.
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धर्मेंद्र प्रधान: न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट से धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की छुट्टी हो सकती है. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद हैं. वो पिछले 12 साल से मोदी सरकार के साथ हैं. 2021 से शिक्षा मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं.
हरदीप सिंह पुरी: रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान के बाद हरदीप सिंह पुरी की भी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है.पूर्व IFS अफसर हरदीप सिंह पुरी 74 साल के हो चुके हैं और पिछले 9 साल से मंत्री हैं. अभी इनके पास पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय है.
जॉर्ज कुरियन: लिस्ट में अगला नाम सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे जॉर्ज कुरियन का है. कुरियन जून 2024 में मोदी सरकार में राज्य मंत्री बने. अगस्त 2024 में वो मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे. वो मोदी कैबिनेट के इकलौते ईसाई मंत्री हैं. वो केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में ‘कंजिराप्पल्ली’ सीट से मैदान में उतरे थे, लेकिन हार गए थे. इसके बाद उन्होंने 23 जून को इस्तीफा दे दिया था. अब इस्तीफे के बाद उनका कैबिनेट से हटना तय है. इनके रिप्लेसमेंट के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
हर्ष मल्होत्रा: 2015-16 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर बने.2024 में पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री बने. हर्ष मल्होत्रा मई 2026 में दिल्ली BJP के अध्यक्ष बने. माना जा रहा है कि BJP की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति के तहत मल्होत्रा को कैबिनेट से हटाया जा सकता है.इनके रिप्लेसमेंट के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
न्यूज एजेंसी PTI और IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्मला सीतारमण को कैबिनेट फेरबदल के बाद धर्मेंद्र प्रधान की जगह शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है. वहीं, हरदीप सिंह पुरी की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया को नया पेट्रोलियम मंत्री बनाया जा सकता है.
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ज्योतिरादित्य सिंधिया: मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस से BJP में आए थे. पहले वो राज्यसभा सांसद थे. जुलाई 2021 में मोदी सरकार में मंत्री बने.सिंधिया नागरिक उड्डयन और दूरसंचार जैसे मंत्रालय संभाल चुके हैं. अभी उनके पास पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्रालय का जिम्मेदारी है. मोदी सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया ‘हाई-परफॉर्मिंग’ नेता माने जाते हैं. ऐसे में उन्हें प्रमोशन मिलना तय माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में सिंधिया अब रेल, वाणिज्य,पेट्रोलियम या उद्योग मंत्रालय संभाल सकते हैं.

प्रह्लाद जोशी: प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार 5वीं बार सांसद हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वो संसदीय कार्य मंत्री, कोयला और खनन मंत्री रहे. अभी वो रिन्यूएबल एनर्जी और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. 2028 में जोशी के गृह राज्य कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं.अभी कांग्रेस की सरकार है, BJP को इस चुनाव में कर्नाटक जीतने की उम्मीद है. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रह्लाद जोशी के संसदीय अनुभवों को देखते हुए उन्हें बड़ा रोल दिया जा सकता है.
अरुण गोविल: रामानंद सागर के टीवी सीरियल’रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर अरुण गोविल घर-घर अपनी पहचान बना चुके हैं. वो 2021 में BJP से जुड़े थे. 2024 में BJP ने उन्हें उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से टिकट दिया था. गोविल अभी मेरठ से सांसद हैं. इनकी लोकप्रियता को देखते हुए BJP यूपी चुनाव 2027 में गोविल पर दांव खेल सकती है.गोविल पश्चिमी यूपी के वैश्य समाज से आते हैं. ऐसे में इन्हें सोशल इंजीनियरिंग के तहत मंत्री बनाया जा सकता है.
राघव चड्ढा: लिस्ट में सबसे चर्चित नाम इनका ही है. राघव चड्ढा चार्टर्ड अकाउंटेंट से नेता बने. अरविंद केजरीवाल के करीबी रह चुके हैं. 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे. अप्रैल 2026 में बगावत के बाद चड्ढा AAP के 6 राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल हो चुके हैं. अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में BJP राघव चड्ढा को बड़ा रोल देकर उनके जरिए पंजाब में कमल खिलाने पर काम कर सकती है.
काकोली घोष दस्तीदार: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के बाद TMC को तोड़ने में काकोली घोष दस्तीकार की अहम भूमिका थी. ये ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती थीं. इनके नेतृत्व में TMC के 20 सांसद बागी होकर NCPI में शामिल हो गए. अब NDA को सपोर्ट कर रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि BJP काकोली को इसका इनाम जरूर देगी. बारासात से सांसद काकोली घोष को मंत्री पद मिल सकता है.
अनुराग ठाकुर: हिमाचल प्रदेश के पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर पहले खेल मंत्री और वित्त राज्यमंत्री रह चुके हैं. वो हिमाचल के हमीरपुर लोकसभा सीट से लगातार 5वीं बार सांसद हैं. उनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा है. इसलिए सरकार उन्हें प्रमोट कर सकती है. असल में अगले साल हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव है. इसलिए BJP चाहती है कि अनुराग के बूते युवा वोटर्स को लामबंद किया जाए.
श्रीकांत शिंदे: महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे कल्याण सीट से लगातार तीसरी बार सांसद हैं. बीते दिनों शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 लोकसभा सांसदों को तोड़ने के लिए हुए ‘ऑपरेशन टाइगर’ हुआ था. इसमें श्रीकांत शिंदे ने बड़ी भूमिका निभाई थी. इसके एवज में BJP उन्हें बड़ा रोल दे सकती है.
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अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली … और पढ़ें
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