यहां लोगों के लिए बनेगा ये खास कार्ड, शराब खरीदने से पहले दिखाना होगा – AajTak

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ब्रिटेन में रहने वाले हर शख्स को अब एक डिजिटल आईकार्ड रखना जरूरी होगा. सरकार ने वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों पर शिकंजा कसने को लेकर यह कदम उठाया है. कीर स्टारमर इस बारे में जल्द ही आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं. इसे ब्रिटकार्ड कहा जा रहा है.
मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, कीर स्टारमर अवैध प्रवासन से निपटने के लिए ब्रिटेन में सभी वयस्कों के लिए डिजिटल आईडी कार्ड की घोषणा करने वाले हैं. इसका मकसद वैसे लोगों पर शिकंजा कसना है जो शैडो इकनॉमी में घुस गए हैं और अवैध रूप से यहां रह रहे हैं.
क्या है ब्रिटकार्ड
हालांकि, इस ब्रिटकार्ड को अनिवार्य नहीं बताया गया है, लेकिन ब्रिटेन में नौकरी पाने या घर किराए पर लेने के लिए इसकी आवश्यकता होगी. इसका मतलब है कि वे प्रभावी रूप से अनिवार्य होंगे.
ब्रिटकार्ड किसी व्यक्ति के ब्रिटेन में रहने और काम करने के अधिकार की पुष्टि करेगा, जो एस्टोनिया में प्रचलित प्रणाली के समान है. वहां नागरिकों को विशिष्ट पहचान संख्या दी जाती है.
ब्रिटकार्ड से क्या होगा फायदा
इस डिजिटल कार्ड के जरिए ब्रिटेन में कोई मकान मालिक या कंपनी यहां रहने और काम करने वालों लोगों के अधिकार को सत्यापित कर सकेंगे. ऐसे में कंपनियों और मकान मालिकों के लिए किसी व्यक्ति की आव्रजन स्थिति की जांच करना आसान हो जाएगा.
डिजिटल आईडी , GOV.UK के वॉलेट ऐप में स्मार्टफोन पर सेव की जाएंगी. इसकी जांच ब्रिटेन में रहने और काम करने के अधिकार प्राप्त लोगों के केंद्रीय डेटाबेस से की जाएगी. जिन लोगों के पास स्मार्टफ़ोन नहीं हैं, जैसे पेंशनभोगी लोग, उनके लिए वैकल्पिक आईडी उपलब्ध होंगे.
शराब खरीदने से पहले दिखाना होगा ये कार्ड
उम्मीद है कि इस डिजिटल आइडी के और भी कई फायदे होंगे. जैसे शराब खरीदते समय आयु प्रमाण के रूप में पहचान-पत्र की तरह इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसको दिखाने के बाद ही शराब मिल पाएगी.
डाकघर से सामान प्राप्त करते समय भी इस ब्रिटकार्ड का इस्तेमाल करना होगा. पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर लंबे समय से आईडी कार्ड की मांग करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने पहले कहा था कि वह इन्हें लाने की योजना नहीं बना रही है.
कुछ लोगों ने प्राइवेसी को लेकर उठाए सवाल
इस कार्ड को लेकर कुछ आलोचनाएं भी हो रही हैं. इसमें डेटा की प्राइवेसी और बुजुर्गों, गरीब या दिव्यांग लोगों के डिजिटल बहिष्कार को लेकर चिंताएं जताई गईं. इस पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके लिए कानून की आवश्यकता होगी. साथ ही डिजिटल आईडी की समय-सीमा के बारे में भी और अधिक जानकारी दी जाने की उम्मीद है.
अवैध प्रवासन पर नियंत्रण के लिए जरूरी है डिजिटल आईकार्ड
प्रधानमंत्री इस योजना को आगे बढ़ाने को लेकर अडिग हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि चैनल पार करने वालों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के बीच अवैध प्रवासन से निपटने के लिए उनके पास ठोस योजनाएं हैं.
निर्वाचित होने के बाद से, लेबर सरकार ने अवैध कामों पर नियंत्रण बढ़ा दिया है. इसमें डिलीवरी दिग्गज कंपनियों डेलीवरू, जस्ट ईट और उबर ईट्स के लिए काम करने वाले शरणार्थियों पर शिकंजा कसना भी शामिल है.
कंपनियों को वेरिफिकेशन में मिलेगी मदद
उम्मीद की जा रही है कि डिजिटल कार्ड के जरिए विभिन्न कंपनियों को किसी भी व्यक्ति की आव्रजन स्थिति की जांच करना आसान हो जाएगा. इससे उन तस्करी गिरोहों से निपटने में मदद मिलेगी, जो छोटी नावों पर लोगों को लेकर आते हैं और नौकरियों का वादा करते हैं.
यहां आसानी से अवैध रूप से घुस रहे प्रवासी
इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहचान पत्र प्रणाली अवैध प्रवासन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. मुझे लगता है कि मनोवैज्ञानिक रूप से, यह एक अलग भूमिका निभाता है. कई सालों से लोगों के लिए यहां आना, शैडो इकनॉमी में फंसना और अवैध रूप से यहां रहना बहुत आसान रहा है.

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