जामिया ने दर्ज की उल्लेखनीय बढ़त नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2027 में राजधानी में स्थिति आईआईटी दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया और डीयू ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर 118वां स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष के 123वें स्थान की तुलना में पांच स्थानों का सुधार है।
118वें स्थान के साथ आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में किसी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल सर्वोच्च वैश्विक स्थिति की भी बराबरी कर ली है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के अनुसार, संस्थान की वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार के प्रमुख कारकों में से एक ‘नियोक्ता प्रतिष्ठा’ ने 11 स्थानों की प्रगति दर्ज़ की है जिसके परिणामस्वरूप आईआईटी दिल्ली ने इस श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 39वां स्थान प्राप्त किया है। जबकि रोजगार परिणाम श्रेणी में 60 स्थानों की उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। प्रति संकाय उद्धरण संकेतक में 26 स्थानों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। यह अनुपात प्रति संकाय सदस्य प्राप्त औसत उद्धरणों का मापता है और विश्वविद्यालयों द्वारा सृजित वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों की गुणवत्ता, प्रभाव का एक महत्वपूर्ण सूचक माना जाता है। इस बारे में आईआईटी दिल्ली के संकायाध्यक्ष (योजना) एवं प्रमुख, रैंकिंग प्रकोष्ठ प्रो.सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा कि यह संस्थान विश्वस्तरीय तथा किफायती तकनीकी शिक्षा प्रदान करने और विश्व भर के विद्वानों एवं शोधार्थियों की पहली पसंद बनने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। हमारे संशोधित पाठ्यक्रम, नवीन अवसंरचना तथा अंतरराष्ट्रीय सहभागिता में वृद्धि आने वाले वर्षों में हमारी गुणवत्ता और प्रभाव को और सुदृढ़ करेगी। हम रैंकिंग को अपने उद्देश्य के रूप में नहीं, बल्कि अपने प्रयासों के परिणाम के रूप में देखते हैं। यदि हम सही कारणों से सही कार्य करते रहेंगे, तो बेहतर रैंकिंग स्वाभाविक रूप से प्राप्त होती रहेगी।
विगत चार वर्षों में, आईआईटी दिल्ली ने अपनी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थानों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। संस्थान की रैंकिंग क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 के 197वें स्थान से बढ़कर वर्तमान में 118वें स्थान पर पहुंच गई है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी वैश्विक स्थिति में सुधार करते हुए 322वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष 2026 की रैंकिंग में डीयू 328वें स्थान पर था। इस तरह विश्वविद्यालय ने छह स्थान की छलांग लगाई है। कुल स्कोर भी 42.6 से बढ़कर 43.8 हो गया है।
डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों में दिल्ली विश्वविद्यालय पहले स्थान पर है, जबकि देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में उसका सातवां स्थान बरकरार है। उन्होंने कहा कि 106 देशों के 1,504 विश्वविद्यालयों को शामिल करने वाली इस रैंकिंग में 52 भारतीय संस्थानों के बीच डीयू ने राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
रैंकिंग के विभिन्न मानकों में भी डीयू ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रति फैकल्टी साइटेशन के मामले में 85 स्थान, सस्टेनेबिलिटी में 57 स्थान और एम्प्लॉयर रेप्युटेशन में 15 स्थान का सुधार दर्ज किया गया है। रोजगार परिणामों में डीयू देश में दूसरे, सस्टेनेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में चौथे तथा एकेडमिक रेप्युटेशन में छठे स्थान पर रहा।
प्रो.योगेश सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
जामिया रैंकिंग में 75 पायदान ऊपर पहुंचा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अब तक की अपनी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल करते हुए वैश्विक स्तर पर 686वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय 761-770 रैंक बैंड में था। इस बार जामिया ने 75 से अधिक स्थानों की छलांग लगाते हुए देश के शीर्ष 20 संस्थानों में जगह बनाई है।
जामिया की प्रगति लगातार रही है। वर्ष 2024 में उसकी वैश्विक रैंक 951-1000, 2025 में 851-900 और 2026 में 761-770 थी। नवीनतम रैंकिंग में उसका कुल स्कोर बढ़कर 25.9 हो गया है। संस्थान से प्राप्त जानकारी के अनुसार शोध कार्यों के प्रभाव, अकादमिक प्रतिष्ठा, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या, रोजगार के अवसरों और विभिन्न विषयों में शोध प्रकाशनों में वृद्धि ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है।
कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और छात्रों के उत्कृष्ट योगदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास जारी रखेगा।
कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जामिया की बढ़ती प्रतिष्ठा और देश में 20वां स्थान शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
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