नई दिल्ली, एजेंसी। राजस्थान के कोटा में प्रसव के बाद पांच महिलाओं की मौत मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश में जैक्सन लैबोरेटरीज के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इसके अलावा, ‘मेसर्स राजस्थान मेडिकल हॉल’ नामक कंपनी का थोक ब्रिकी लाइसेंस भी रद्द किया गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और संबंधित राज्यों के औषधि नियामक प्राधिकरण की संयुक्त जांच के बाद की गई है। वहीं, मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोटा के सरकारी अस्पतालों में कथित तौर पर नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की आपूर्ति के चलते मई में सीजेरियन से प्रसव के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, सीडीएससीओ ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के औषधि नियामकों के साथ मिलकर जैक्सन लैबोरेटरीज की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की विस्तृत जांच की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाई गई कमियों और संयुक्त जांच टीमों की सिफारिशों के आधार पर संबंधित राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों ने संबंधित इकाईयों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिए। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन करने की अंतरराष्ट्रीय मानक प्रक्रिया के तहत जानकारी मांगी है। इसी किसी नतीजे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
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