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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में अब बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या ब्रांच भी जांच के दायरे में आ गई है. पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसकी भूमिका केवल ऑनलाइन QR आधारित दान तक सीमित है और नकद चढ़ावे की गिनती या हैंडलिंग से उसका कोई संबंध नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिलने वाले कुल दान का करीब 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के जरिए आता है, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ट्रस्ट का प्रमुख बैंकिंग चैनल बना हुआ है.
जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख नाम भी चर्चा में हैं. सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बैंक ऑफ बड़ौदा, अयोध्या ब्रांच में खाता है. बताया जा रहा है कि यह खाता कई साल पहले दिल्ली से ट्रांसफर किया गया था और फिलहाल इसमें बहुत कम बैलेंस है. यह खाता लगभग निष्क्रिय स्थिति में है. इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का भी इसी ब्रांच में खाता होने की जानकारी सामने आई है.
सूत्रों के मुताबिक, अनिल मिश्रा ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था. पुलिस ने जांच के तहत आरोपी अविनाश शुक्ला, मनीष यादव उर्फ टिन्नू के भांजे और सुप्रिया मिश्रा (लवकुश की पत्नी) के खातों की जानकारी मांगी थी. बैंक के जवाब में पुष्टि हुई कि अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के खाते ब्रांच में मौजूद हैं, जबकि सुप्रिया मिश्रा के नाम से इस ब्रांच में कोई खाता नहीं मिला.
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सूत्रों के अनुसार, मनीष यादव के खाते में फिलहाल करीब 1400 रुपये का बैलेंस है और पिछले कुछ महीनों से उसमें कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई है. लवकुश ने अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर अयोध्या में जमीन खरीदी थी और घर बनवा रहा था. पुलिस अब सुप्रिया मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के बैंक अकाउंट की जानकारी की जांच कर रही है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया- जिनमें से छह ट्रस्ट के कर्मचारी थे. उनमें से कुछ सीधे तौर पर कैश का लेन-देन करते थे.
राम मंदिर को कितने ₹ तक चढ़ावा मिलता है?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिलने वाले चढ़ावे और दान की रकम बेहद बड़ी है. ट्रस्ट की स्थापना के बाद से हर महीने औसतन 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक का चढ़ावा आता रहा है. वहीं महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों और त्योहारों के दौरान ऑनलाइन दान की रकम दोगुनी हो जाती है और यह 4 से 5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है. ट्रस्ट की सितंबर में जारी वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में कुल आय करीब 327 करोड़ रुपये रही. इसमें लगभग 153 करोड़ रुपये दान के रूप में मिले, जबकि करीब 173 करोड़ रुपये ब्याज से प्राप्त हुए.
कैसे निकाले जाते हैं ट्रस्ट के बैंक खाते से पैसे?
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों से रकम निकासी साल में केवल एक या दो बार ही की जाती है और यह प्रक्रिया पूरी तरह चेक के माध्यम से होती है. इसके लिए ट्रस्ट के अधिकृत प्रतिनिधि बैंक पहुंचते हैं. बड़ी रकम की निकासी के मामलों में चेक क्लियर करने से पहले ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से क्रॉस-वेरिफिकेशन भी किया जाता है.
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