लोकसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाषण दिया। अपने भाषण की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया से की। राहुल ने कहा- मैंने राष्ट्रपति का भाषण सुना। वे पिछले कई सालों से यही बातें दोहरा रही हैं। आज मैं बताऊंगा कि उनका संबोधन कैसा हो सकता था।
राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ एक अच्छा विचार था। नतीजा आपके सामने है। मैं पीएम को दोष नहीं दे रहा हूं। लेकिन यह कहना सही नहीं कि उन्होंने कोशिश नहीं की। लेकिन वे असफल रहे।
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा- भले ही हम तेजी से बढ़े हैं, लेकिन एक समस्या जिसका हमने सामना किया है, वह बेरोजगारी है, जिससे निपटने में यूपीए सरकार और एनडीए सरकार दोनों ही कामयाब नहीं हो सकीं।
राहुल की स्पीच की 6 बड़ी बातें…
1. बेरोजगारी पर UPA सरकार को भी घेरा राहुल ने अपनी स्पीच में अपनी सरकार की भी खामी गिनाई। उन्होंने कहा- देश में बेरोजगारी की समस्या का समाधान कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA की सरकार भी अपने 10 साल के शासनकाल में नहीं कर पाई। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार भी पिछले 10 साल में इस पर कुछ नहीं कर पाई।
2. मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कॉन्सेप्ट की तारीफ की राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- देश में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की जरूरत है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 2014 में 15.3% से घटकर आज 12.6% रह गई है। यह 60 वर्षों में सबसे कम है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे बढ़ाने का प्रयास किया। वे एक अच्छा मेक इन इंडिया कॉन्सेप्ट लेकर आए। लेकिन सफल नहीं हुए।
3. वोटर्स डेटा में गड़बड़ी का आरोप लगाया नेता विपक्ष बोले कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के वक्त जितना वोट था, सिर्फ 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव के दौरान उसमें हिमाचल प्रदेश जितना बड़ा वोटिंग रोल जोड़ दिया गया। जितने 5 साल में जोड़े जाते हैं, उतने 5 महीने में जोड़ दिए गए। दिलचप्स बात है कि नई वोटर्स उन्हीं विधानसभाओं में ज्यादा हैं, जहां भाजपा जीती है। हिमाचल प्रदेश जितने बड़े वोटर्स लोकसभा के बाद जादू से आए कैसे। इलेक्शन कमीशन से हम कह रहे हैं कि हमें लोकसभा की वोटर लिस्ट इलेक्ट्रॉनिकली दीजिए।
4. चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया राहुल गांधी ने कहा कि हम रक्षा के बारे में बात करते हैं। आज हमारे सामने चीन है। प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार कर दिया कि उनकी सेना ने हमारी सीमा में घुसपैठ की। आर्मी उनसे सहमत नहीं थी। पता नहीं क्या वजह है कि अचानक हमारे आर्मी चीफ उनसे बातचीत कर रहे हैं। दूसरी तरफ हमारे चीफ ऑफ डिफेंस कह रहे हैं कि चीन ने घुसपैठ कर ली है।
5. भाजपा ने पटेल-अंबेडकर के मूल्य नष्ट किए उन्होंने कहा कि मैंने सदन में शिवजी की पिक्चर दिखाई थी। एक कारण था, वह हमें बताती है कि फोकस रखो, भटको मत। काम पर ध्यान दो। आप सरदार पटेल की बात करते हैं, अंबेडकर की बात करते हैं. उनकी मूल्यों को आपने नष्ट कर दिया। आपने बुद्ध के सामने सिर झुकाया, लेकिन उनके मूल्यों को ठुकरा दिया। हिंसा, घृणा की जगह नहीं होनी चाहिए, इससे देश नष्ट हो जाएगा।
6. राष्ट्रपति के भाषण को दोबारा बोरिंग बताया राहुल गांधी ने कहा कि बजट भाषण घर की पुरानी लिस्ट की तरह था। मैं पूरे भाषण के दौरान बैठ भी नहीं पा रहा था। मैं जब वहां बैठा था तब मुझे लग रहा था कि कोई कहानी सुनाई जा रही हो। यह ऐसा धन्यवाद भाषण नहीं था, जैसा एक राष्ट्रपति का होना चाहिए था।
मोमेंट्स जब राहुल को भाषण के दौरान टोका गया
अमेरिकी प्रेसिडेंट के शपथग्रहण में पीएम की जगह विदेश मंत्री को भेजने वाली बात पर
राहुल ने अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथग्रहण का जिक्र किया। राहुल बोले- हम अपने प्रधानमंत्री को शपथग्रहण में न बुलाने के लिए, विदेश मंत्री को भी नहीं भेजते। अगर हमारे पास उत्पादन प्रणाली होती, अगर हम तकनीकों पर काम कर रहे होते तो अमेरिकी राष्ट्रपति खुद यहां आते और प्रधानमंत्री को आमंत्रित करते।
इस पर किरेन रिजिजू ने उन्हें टोका और कहा, “विपक्ष के नेता ऐसे गंभीर और तथ्यहीन बयान नहीं दे सकते। यह दो देशों के बीच संबंधों से जुड़ा है। वह हमारे देश के प्रधानमंत्री के निमंत्रण के बारे में एक अधूरा बयान दे रहे हैं।
इसके बाद राहुल गांधी ने उन्हें जवाब देते हुए कहा, “मैं आपकी मानसिक शांति को भंग करने के लिए माफी चाहता हूं।”
चीन के भारतीय सीमा में घुसकर 4 हजार वर्ग किमी पर कब्जे वाले बयान पर
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान चीन के भारतीय सीमा में घुसकर करीब 4000 वर्ग किमी की जमीन हथियाने पर भी बात की। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार किया है और सेना ने प्रधानमंत्री के इस दावे का खंडन किया है कि चीन हमारे 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर बैठा है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “आप जो बोल रहे हैं, उसका सबूत आपको सदन में पेश करना होगा।”
प्रियंका गांधी ने भाई राहुल के भाषण की तारीफ की…
मेरा मानना है कि जब से मैं संसद में आई हूं, तब से कई तरह के भाषण हुए हैं। भाषण ऐसा होना चाहिए, जिसमें नेता देश के लिए अपने विजन के बारे में बात करे, न कि दोषारोपण करे मुझे उनका भाषण बहुत अच्छा लगा।
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