‘रेट’ पर अटका औद्योगिक गलियारा, किसानों ने रोकी जमीन की राह 2016 के सर्किल रेट पर मुआवजा लेने से साफ इनकार, 2026 के रेट पर भुगतान की मांग 240 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी, अब दूसरे चरण में 329 हेक्टेयर जमीन पर पेच
भाकियू असली ने किसानों के साथ खड़े होकर संघर्ष का किया ऐलानसंभल, हिंदुस्तान लाइव गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के विस्तार की राह में अब जमीन के रेट का पेच फंस गया है। पहले चरण में करीब 240 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है, लेकिन दूसरे चरण के लिए चिन्हित 329 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण में किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। किसानों ने वर्ष 2016 के सर्किल रेट पर मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में जमीन के दाम काफी बढ़ चुके हैं, ऐसे में पुराने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देना उनके हित में नहीं है। किसानों की प्रमुख मांग वर्ष 2026 के सर्किल रेट के आधार पर जमीन का मुआवजा तय करने की है। रेट को लेकर बढ़े विवाद के बीच भारतीय किसान यूनियन असली ने भी किसानों के समर्थन में खड़े होने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि किसानों की सहमति और उचित मुआवजे के बिना जमीन लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।
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