हाथरस में किसानों को दलहन और तिलहन बीज की मिनीकिट निशुल्क मिल रही है, जिसके लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। …और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर।
किसानों को दलहन-तिलहन बीज की मिनीकिट निशुल्क मिल रही है।
योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है।
आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
जागरण संवाददाता, हाथरस। शासन द्वारा दलहन, तिलहन बीज की मिनीकिट किसानों को निशुल्क दी जा रही हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्री के किसान योजना से वंचित रह सकते हैं।
उप निदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कि किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के समय आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री नंबर देना जरूरी होगा। सत्यापन के बाद मिनीकिट का वितरण किया जाएगा।
कई किसान फार्मर रजिस्ट्री के बिना ही आवेदन कर रहे हैं, जिससे उनका आवेदन निरस्त हो रहा है। इसलिए पहले किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री जरूर करा लें। यह रजिस्ट्री जन सेवा केंद्र या कृषि विभाग के ब्लॉक कार्यालय पर हो रही है।चयन यदि किसी गांव में एक ही फसल के लिए ज्यादा आवेदन आते हैं तो ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी। इसके बाद वे अपने बीज मिनीकिट प्राप्त कर सकते हैं।
सरसों की मिनीकिट दो किलो की होगी जो आधा एकड़ के लिए पर्याप्त है। चना और मटर की किट आठ किलो की होगी। इससे किसानों को उन्नत किस्म के बीज मिलेंगे और उत्पादन बढ़ेगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय से आवेदन कर योजना का लाभ लें। सभी प्रकार के बीज पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर बुकिंग कराते हुए ई-लॉटरी के माध्यम से वितरण किया जाना है।
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रबी फसलें यथा सरसों, तोरिया, चना, मटर, मसूर, जौ, गेहूं, आदि बीज का अनुदान पर सामान्य वितरण व निशुल्क मिनीकिट के विकास खंडवार लक्ष्य फीड किये जा चुके हैं जिसकी बुकिंग कृषि विभाग के दर्शन पोर्टल-1 https://agriculture.up.gov.in पर द्वितीय चरण की प्रारंभ कर दी गई है, लक्ष्य से अधिक आवेदन,बुकिंग होने की दशा में ई-लाटरी के माध्यम से लाभार्थी का चयन किया जायेगा।