₹13000000000000 का गोल्ड! भारत के खजाने में है जितना सोना, चीन ने सिर्फ 8 महीने में ही खरीद डाला उससे भी ज्यादा – Jagran

China gold buying: चीन ने पिछले 8 महीनों में 1000 टन से अधिक सोने का आयात (China Gold Import) किया …और पढ़ें
भारत के पास 880 टन सोना, पर चीन ने 8 महीनों में ही खरीद डाला 10 लाख किलोग्रामगोल्ड; क्या करने जा रहा ड्रैगन?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| चीन की गोल्ड खरीदी ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। चीन ने अगस्त तक यानी पिछले 8 महीनों में 1000 टन से ज्यादा सोने का आयात (China gold imports 1000 tons) कर लिया है। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि भारत के गोल्ड रिजर्व (India gold reserves) में जितना सोना है, चीन ने उससे भी ज्यादा सोने की खदीरी सिर्फ 8 महीनों में कर डाली है। खास बात यह है कि चीन ने साल 2025 में जितना सोना आयात किया था, इस साल के सिर्फ आठ महीनों में ही उससे ज्यादा की खरीदी कर ली है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में सोने की खरीदारी बढ़ने के पीछे निवेश की मजबूत मांग, वैश्विक कीमतों में गिरावट और चीनी युआन में मजबूती अहम वजहें हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार है और उसकी यह तेज खरीदारी ग्लोबल गोल्ड मार्केट के साथ भारत में सोने की कीमतों पर भी असर डाल सकती है।
चीन के कस्टम आंकड़ों के मुताबिक,
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच सोने का आयात 1000 टन यानी 10 लाख किलोग्राम के पार निकल गया। आज की अंतरराष्ट्रीय कीमत (4391 डॉलर प्रति औंस) इतनी खरीदी की कीमत 13.52 लाख करोड़ रुपए (gold price today) से भी ज्यादा बैठती है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो उपलब्ध रिकॉर्ड 2017 से रखे जा रहे हैं और इस साल का आयात अब तक का बेहद ऊंचा स्तर दिखा रहा है।”
चीन में घरेलू बाजार में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले मामूली प्रीमियम पर बनी हुई हैं। इसका मतलब है कि घरेलू निवेशकों की मांग इतनी मजबूत है कि आयातकों के लिए विदेश से सोना मंगाना आकर्षक बना हुआ है।
चीन में सिर्फ फिजिकल गोल्ड की मांग नहीं बढ़ी है, बल्कि गोल्ड ETF में भी निवेश बढ़ा है। अगस्त तक चीनी गोल्ड ETF ने करीब 44 टन सोना जमा किया, जो साल की शुरुआत के मुकाबले करीब 18% ज्यादा है। इसके मुकाबले अंतरराष्ट्रीय ETF में इस दौरान ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया।
इससे संकेत मिलता है कि चीन में निवेशक सोने को महंगाई, आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में दूसरे निवेश विकल्पों से जुड़े जोखिम के बीच एक सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (People’s Bank of China) यानी PBOC की खरीदारी ने भी बाजार का भरोसा बढ़ाया है। अगस्त में PBOC ने 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक गोल्ड खरीदारी की। बैंक करीब दो साल से लगातार सोने का भंडार बढ़ाने की दिशा में बना हुआ है।
जून में बदले गए इंपोर्ट लाइसेंस नियमों ने भी हाल के महीनों में आयात बढ़ाने में भूमिका निभाई हो सकती है। नए ढांचे के तहत वित्तीय संस्थानों को पहले से मिले इंपोर्ट आवंटन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहन मिला।
चीन की इतनी बड़ी खरीदारी ग्लोबल बाजार में सोने की मांग को मजबूत कर सकती है। अगर चीन की खरीदारी आगे भी तेज रहती है और दूसरी तरफ सप्लाई सीमित रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।
इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ता (gold price impact India) है, क्योंकि भारत सोने का बड़ा आयातक है। हालांकि, सिर्फ चीन की खरीदारी के आधार पर भारत में सोने की कीमत कितनी बढ़ेगी, यह तय नहीं किया जा सकता। अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर, वैश्विक आर्थिक हालात, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भारत में रुपये की चाल भी गोल्ड की कीमत को प्रभावित करेगी।
आंकड़ों की मानें तो भारत के गोल्ड रिजर्व में 880.52 टन सोना है। जबकि चीन के गोल्ड रिजर्व में जोरदार इजाफा हुआ है। अगस्त 2026 तक उसके पास 2387 टन से ज्यादा सोना हो गया है। सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व वाले देशों की बात करें तो 8133 टन गोल्ड के साथ अमेरिका नंबर-1 पर है। 3350 टन गोल्ड के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर अंतरराष्ट्रीय संस्था IMF है, जिसके पास 2814 टन से ज्यादा सोना है। वहीं चीन चौथे और भारत आठवें नंबर पर है।
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