कर्नाटक में मतदाता सूची सुधारने और अपडेट करने के लिए 'विशेष गहन पुनरीक्षण' अभियान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेतावनी दी है कि वोट का …और पढ़ें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार।
कर्नाटक में मतदाता सूची सुधारने का विशेष अभियान शुरू।
सीएम डीके शिवकुमार ने सरकारी योजनाओं पर चेतावनी दी।
नागरिकों को स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (PRC) मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में मंगलवार से वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को सुधारने और अपडेट करने के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का अभियान शुरू हो गया है। इस मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जनता को सावधान करते हुए अपील की है कि सभी लोग यह पक्का कर लें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग अपना वोट देने का अधिकार खो देंगे, वे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और फायदों से भी हाथ धो बैठेंगे।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि वोट देने का अधिकार, जीने के अधिकार जैसा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल में इस अभियान के तहत अयोग्य राशन कार्ड धारकों की पहचान कर उनके नाम हटाने का आदेश जारी किया जा चुका है। दूसरे राज्य भी ऐसे ही कदम उठा रहे हैं। अगर आपने वोट देने का अधिकार खो दिया, तो आपको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना भी बंद हो जाएगा।
बता दें कि चुनाव आयोग मंगलवार से पूरे कर्नाटक में घर-घर जाकर वोटरों की गिनती और वेरिफिकेशन का काम शुरू कर रहा है, जो 29 जुलाई तक चलेगा।कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनबुकुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत राज्य के 5.5 करोड़ से ज्यादा वोटरों को कवर किया जाएगा।
इस काम के लिए 59050 बूथ लेवल अफसरों (BLOs) को मैदान में उतारा गया है। 7556 बीएलओ सुपरवाइजर और सैकड़ों चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.1 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंटों को भी ट्रेनिंग दी गई है।
इस पूरी प्रक्रिया में लोगों को सहूलियत देने के लिए डीके शिवकुमार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब नागरिकों को स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (PRC) जारी करेगी, जो उनके पते का पक्का सबूत होगा।
इसके अलावा लोग इस सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए ‘सेवा सिंधु’ पोर्टल या फिर अपने नजदीकी नागरिक सेवा केंद्रों जैसे अटल जनस्नेही केंद्र (नादकचेरी), बेंगलुरु वन, कर्नाटक वन और ग्राम वन पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।