वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी पूरी कर ली गई है। रविवार 21 जून को सुबह घाटों से गलियों तक, पार्कों से कॉलोनियों तक लोग योगाभ्यास करेंगे। अनुमान के मुताबिक काशी में 10 लाख से अधिक लोग एक साथ योग करेंगे। मुख्य आयोजन नमोघाट पर सुबह 5.30 बजे से होगा। यहां मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी होंगे। वहीं नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त आईएएस डॉ. आदर्श सिंह होंगे। यहां एलईडी भी लगी है। सुबह 6.30 से 7 बजे तक प्रधानमंत्री का कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा। इसके बाद सुबह 7 बजे से 45 मिनट तक योगाभ्यास होगा। इसके बाद 15 मिनट मुख्य अतिथि का उद्बबोधन होगा। पहले मुख्य आयोजन सांस्कृतिक संकुल में प्रस्तावित था लेकिन अंतिम समय में नमोघाट पर किया गया है。
वहीं इस बार विधानसभा क्षेत्रवार भी आयोजन होंगे। उत्तरी विस क्षेत्र का आयोजन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में होगा। यहां पर मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल होंगे। दक्षिणी विस क्षेत्र में नमोघाट, कैंट विस क्षेत्र में प्रभुनारायण सिंह इंटर कॉलेज, रोहनिया विस क्षेत्र में पारस वाटिका (बरेका के पास), सेवापुरी विस क्षेत्र में विकासखंड परिसर, शिवपुर विस क्षेत्र के सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार परिसर, पिंडरा विस क्षेत्र में नेशनल इंटर कॉलज पिंडरा और अजगरा विस क्षेत्र में अजगरा प्रा.विद्यालय में आयोजन होंगे। इसके साथ ही सभी घाटों, स्कूल, विश्वनाथ धाम, मदरसे में भी योग होगा।
योग दिवस पर शहर से गांव तक सुबह उत्सवी माहौल होगा। विभिन्न पार्कों में भी आयोजन होंगे। इनमें शिवाला स्थित रत्नाकर पार्क, सुंदरपुर स्थित मुंशी प्रेमचंद उद्यान, दुर्गाकुंड स्थित कबीर नगर उद्यान, रेवड़ीतालाब स्थित तिलभाण्डेश्वर उद्यान, नाटीइमली उद्यान, लहुराबीर स्थित आजाद पार्क, पहड़िया स्थित अशोक विहार कॉलोनी, शिवपुर कॉलोनी उद्यान, मैदागिन स्थित कंपनी बाग पार्क, आनंद बाग पार्क, सिगरा स्थित शहीद उद्यान समेत अन्य शामिल होंगे।
वाराणसी। सूबे के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने प्रदेशवासियों एवं काशी के लोगों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ तय की गई है। यह स्वस्थ, सक्रिय एवं दीर्घायु जीवन के लिए योग की महत्ता को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज संपूर्ण विश्व में स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का मार्ग प्रशस्त किया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। जीवनशैली संबंधी बीमारियों, मानसिक तनाव एवं असंतुलित दिनचर्या के बीच योग स्वस्थ एवं सुखी जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
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