नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश में सियासी गहमागहमी बढ़ गई है। रविवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल “लाभार्थी” से आगे बढ़कर नेतृत्वकर्ता” बनाने का कार्य किया है।
50 वर्षों तक महिला आरक्षण को टालती रही कांग्रेस
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी 50 वर्षों तक महिला आरक्षण को टालती रही, जबकि वर्तमान सरकार ने 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इस कानून को पारित होने से रोकने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात बताया।
मंत्री ने पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के लिए लागू की गई विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वर्षों तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का समय आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई।
महिलाओं के अधिकारों के लिए नहीं दिखा प्रियंका गांधी का नारा- सरोज पांडे
सरोज पांडे ने प्रियंका गांधी के नारे “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब महिलाओं के अधिकारों के लिए वास्तविक संघर्ष का समय था, तब यह नारा कहीं दिखाई नहीं दिया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि संसद में विधेयक को आगे बढ़ाने में विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एक ओर मोदी सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए नीतियां बना रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार टालती रही है।
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