हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम से लेकर पूजा-पाठ के दौरान नारियल फोड़ने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। नए घर में प्रवेश करना हो या फिर नई गाड़ी खरीदी हो। शादी से लेकर दुकान खोलने समेत हर नए काम की शुरुआत में लोग नारियल जरूर फोड़ते हैं। दरअसल हिंदू धर्म में नारियल को काफी शुभ माना जाता है। इसे शुद्धता, अच्छे भाग्य और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से पूजा-पाठ की चीजों में भी इसका खूब महत्व देखा जाता है। हालांकि नारियल फोड़ना सिर्फ पूजा से जुड़ी परंपरा ही नहीं है बल्कि इसके पीछे एक खास संदेश भी छिपा है।
नारियल ऊपर से काफी सख्त होता है। वहीं अंदर से ये एकदम साफ, सफेद और स्वाद में मीठापन लिए हुए होता है। ऐसे में इसे इंसान के स्वभाव से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि नारियल इंसान के घमंड और बुरी सोच का प्रतीक होता है। जब लोग भगवान के सामने नारियल फोड़ते हैं तो उसका एक ही मतलब होता है कि वो अपना अहंकार और नकारात्मक बातों को पीछे छोड़कर खुद को भगवान को समर्पित कर रहे हैं और नई शुरुआत सच्चे मन से कर रहे हैं। नारियल का सफेद हिस्सा मन की सच्चाई, शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार पहले पूजा और यज्ञ में पशु बलि दी जाती थी। बाद में संतों ने इसका विरोध किया और फिर तभी से नारियल को बलि का प्रतीक मानकर चढ़ाया जाने लगा। नारियल का आकार इंसान के सिर जैसा माना जाता है। ऐसे में आज भी शुभ कामों में नारियल चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है।
अब अगर इस चीज को विज्ञान के नजरिए से समझने की कोशिश करें तो नारियल को शुद्धता और स्वच्छता के रूप में भी देखा जाता है। जब भी पूजा में नारियल का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे पवित्रता का एहसास होता है। नारियल फोड़ने पर जो तेज आवाज आती है उसे नकारात्मक ऊर्जा के दूर होने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
वहीं नारियल का अंदर वाला हिस्सा सेहत के लिए भी अच्छा होता है और इसी वजह से इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यही वजह है कि नारियल को लेकर सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं है बल्कि इसे सकारात्मकता, सेहत और शुभता से भी जोड़ा जाता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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