समुद्र की गहराई में मिला 1300 साल पुराना बेशकीमती खजाना, मगर सोने की अंगूठी ने खोल दिया बड़ा रहस्य – India.com

1300 Year Old Treasure: समुद्र की गहराई में दबा एक जहाज करीब 1,300 साल बाद इतिहास का ऐसा पन्ना सामने लेकर आया है, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए. क्रोएशिया के Mljet द्वीप के पास मिले इस बीजान्टिन जहाज के मलबे से सोने की बेल्ट, रूबी, पन्ने, मोती और शाही सिक्के बरामद हुए हैं. लेकिन इस खजाने में मिली एक खास सोने की अंगूठी ने पूरी खोज को रहस्य में बदल दिया. अंगूठी पर सम्राट हेराक्लियस की आकृति होने की संभावना है. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन शख्स था, जो इतना कीमती सामान लेकर इस जहाज पर सफर कर रहा था?

क्रोएशियाई संरक्षण संस्थान के शोधकर्ताओं को जहाज से सोने की बेल्ट और ऐसे आभूषण मिले हैं, जिनमें रूबी, पन्ने और मोती जड़े हुए हैं. इसके अलावा जहाज से सोने के सिक्के भी मिले, जिन्हें हेराक्लियन राजवंश के चार अलग-अलग सम्राटों के शासनकाल में ढाला गया था. सफाई और संरक्षण के बाद बरामद सोने का कुल वजन एक पाउंड से भी ज्यादा था. शोधकर्ताओं के अनुसार, किसी जहाज के मलबे से भूमध्यसागर में मिला यह अब तक का सबसे बड़ा सोने का भंडार है. सबसे खास चीजों में एक सोने की सिग्नेट रिंग है, जिस पर सम्राट हेराक्लियस की आकृति बनी हुई मानी जा रही है. हेराक्लियस ने 610 से 641 ईस्वी तक बीजान्टिन साम्राज्य पर शासन किया था. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि इस अंगूठी का इस्तेमाल सम्राट के नाम पर दस्तावेजों पर मुहर लगाने के लिए किया जाता रहा होगा.

सोने की सिग्नेट रिंग ने इस खोज को और ज्यादा महत्वपूर्ण बना दिया है. विशेषज्ञों के अनुसार इतनी खास अंगूठी सामान्य व्यक्ति के पास होने की संभावना कम है. यही वजह है कि शोधकर्ताओं को लगता है कि जहाज पर कोई उच्च पद वाला अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति मौजूद हो सकता था. हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि अंगूठी पहनने वाला व्यक्ति कौन था. एक संभावना यह है कि वह किसी दूर के सहयोगी या मित्र के लिए उपहार लेकर जा रहा कोई राजदूत या शाही दूत रहा हो. दूसरी संभावना यह भी है कि कोई बेहद अमीर व्यक्ति सामान्य माल ढोने वाले जहाज पर यात्रा कर रहा हो. क्योंकि खजाने के साथ जहाज में आम इस्तेमाल की चीजें जैसे मिट्टी के बर्तन और एम्फोरा भी मिले हैं, इसलिए किसी एक संभावना को पक्का नहीं माना जा सकता.

शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि जहाज से मिले सामान का आगे अध्ययन उस दौर को समझने में मदद करेगा, जिसे यूरोप के इतिहास में रोमन साम्राज्य के पतन के बाद का कठिन दौर माना जाता है. उस समय पूर्वी रोमन साम्राज्य यानी बीजान्टिन साम्राज्य, जिसकी राजधानी कॉन्स्टेंटिनोपल थी, पूर्वी भूमध्यसागर के बड़े हिस्से में प्रभावशाली था. लेकिन आठवीं सदी की शुरुआत में आर्थिक परेशानियों और इस्लामी विस्तार के बीच उसका प्रभाव कम होने लगा. विशेषज्ञों के मुताबिक यह जहाज इस बात को समझने का अहम मौका देता है कि उस समय समुद्री रास्ते किस तरह अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ते थे और बाद में ये संपर्क कैसे कमजोर हुए. मलबे से मिले सोने और अन्य सामान से उस दौर की अर्थव्यवस्था, व्यापार और समुद्री यात्राओं की तस्वीर को समझने में मदद मिल सकती है. (Source: Croatian Conservation Institute / Reuters)

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नंदन सिंह ने पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2015 में ईनाडु डिजिटल यानी ईटीवी (हैदराबाद) से की. यहां इन्होंने बतौर कॉपी राइटर करीब 10 महीनों तक काम किया. सीखने … और पढ़ें
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