Shreeom Singh
Date: 14-10-26 11:08
France Cyber Attack: साइबर हमलों के बारे में आपने बैंक, बिजली और सरकारी कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने की खबरें तो सुनी होंगी, लेकिन फ्रांस से एक ऐसा मामला सामने आने का दावा किया गया है, जिसने सबको हैरान कर दिया. दावा है कि यहां हैकरों ने सुपरमार्केट में लगे बड़े-बड़े फ्रिज और फ्रीजर के कंट्रोल सिस्टम को निशाना बनाया. उनका तापमान बढ़ा दिया गया, जिससे खाने-पीने का सामान खराब हो गया और दुकानदारों को करोड़ों यूरो का नुकसान उठाना पड़ा.
बताया जा रहा है कि इस साइबर हमले में सैकड़ों सुपरमार्केट प्रभावित हुए. हालांकि, हमले के पीछे कौन था और इस घटना में कितना नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इस मामले ने इंटरनेट से जुड़ी मशीनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
फ्रिज और फ्रीजर पर कैसे हुआ साइबर हमला?
सुपरमार्केट में रखे बड़े फ्रिज और फ्रीजर में आइसक्रीम, मीट, मछली, दूध, फल और सब्जियां रखी जाती हैं. कई आधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम इंटरनेट से जुड़े होते हैं, ताकि कर्मचारी या टेक्नीशियन दूर से ही उनका तापमान देख सकें और जरूरत पड़ने पर सेटिंग बदल सकें.
दावा किया गया है कि हैकरों ने ऐसे ही सिस्टम को निशाना बनाकर उनका कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया. इसके बाद फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बढ़ा दिया गया. जिन मशीनों का काम खाने-पीने की चीजों को ठंडा रखना था, उन्हीं के गर्म होने से सामान खराब होने लगा.
तापमान 50 डिग्री तक पहुंचाने का दावा
दावे के मुताबिक, हैकरों ने कुछ फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बढ़ाकर 50 डिग्री सेल्सियस तक कर दिया. बताया गया है कि यह स्थिति कुछ मिनटों के लिए नहीं, बल्कि कई घंटों तक बनी रही. आमतौर पर फ्रिज में बर्फ पिघलाने के लिए डीफ्रॉस्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आरोप है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल करके तापमान बढ़ाया गया.
सुबह जब सुपरमार्केट के कर्मचारी पहुंचे, तो उन्हें फ्रिज में रखा सामान खराब मिला. दावा किया गया कि आइसक्रीम पिघल गई, जबकि मीट, मछली, दूध और दूसरी जल्दी खराब होने वाली चीजें भी इस्तेमाल के लायक नहीं रहीं. इसके बाद दुकानों को खराब सामान फेंकना पड़ा.
आग और पानी से भी बढ़ा नुकसान?
इस घटना को लेकर यह भी दावा किया गया है कि कुछ सुपरमार्केट में आग लगने की घटनाएं हुईं. आग लगने पर ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय हो गए, जिससे दुकानों में पानी फैल गया. इससे खाने-पीने के सामान के अलावा दूसरे उत्पादों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है.
दावे के मुताबिक, यह हमला किसी एक दुकान तक सीमित नहीं था, बल्कि करीब 350 से 400 सुपरमार्केट प्रभावित हुए. इससे दुकानदारों को लाखों-करोड़ों यूरो का नुकसान होने की बात कही गई है. हालांकि, प्रभावित दुकानों की संख्या और नुकसान के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
इंटरनेट से जुड़ी मशीनें भी हैकरों के निशाने पर
इस घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. आज कई मशीनें इंटरनेट से जुड़ी हैं और उन्हें दूर बैठकर कंट्रोल किया जा सकता है. इससे काम आसान होता है, लेकिन सुरक्षा में चूक होने पर हैकर इनका गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
पहले साइबर हमलों की चर्चा होने पर बैंक खातों, वेबसाइटों या सरकारी कंप्यूटर सिस्टम का ख्याल आता था. लेकिन अब इंटरनेट से जुड़े उपकरण भी खतरे में हो सकते हैं. सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमला होने से खाने-पीने का सामान खराब हो सकता है और कारोबार को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
फ्रांस में फ्रिज और फ्रीजर को हैक करने की इस कथित घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि साइबर हमले का खतरा केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं है. हालांकि, इस मामले में हैकिंग कैसे हुई, इसके पीछे कौन था और वास्तव में कितना नुकसान हुआ, इसकी पुष्टि जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी.
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