सुबह कुत्ते घुमाता है, दिन में करता है नौकरी, हर महीने इतने लाख की कमाई – AajTak

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न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले 28 वर्षीय कोबी गुड हार्ट ने अपने कुत्तों के प्रति प्यार को एक शानदार साइड बिजनेस में बदल दिया है. वह पेशे से एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट हैं, लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने गुड हार्ट डॉग कंपनी नाम से प्रीमियम डॉग-वॉकिंग और पेट-केयर सेवा भी शुरू की है. इस काम से वह हर महीने 6,000 डॉलर से ज्यादा कमाते हैं, जो भारतीय रुपये में लगभग 5 लाख 70 हजार रुपये से अधिक है. उनकी सालाना कमाई लाखों डॉलर तक पहुंच चुकी है.
कोबी ने बताया कि उन्होंने इस बिजनेस को अपनी फुल-टाइम नौकरी के हिसाब से तैयार किया है. वह सुबह जल्दी उठकर कुत्तों को घुमाने ले जाते हैं, फिर अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी पर जाते हैं. लंच ब्रेक के दौरान भी समय निकालकर कुत्तों की देखभाल करते हैं और शाम को ऑफिस के बाद फिर से अपने ग्राहकों के पास जाते हैं. सप्ताहांत में भी वह इस काम में समय देते हैं.
इंजीनियरिंग नौकरी के साथ साइड बिजनेस
कोबी 2023 में न्यूयॉर्क शहर आए थे. वहां आकर उन्हें महसूस हुआ कि वह जानवरों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं. शुरुआत में उन्होंने अपने आसपास के लोगों के कुत्तों को घुमाना शुरू किया. लोगों को उनका काम पसंद आने लगा और धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई. इसके बाद 2025 में उन्होंने आधिकारिक रूप से गुड हार्ट डॉग कंपनी शुरू की.आज उनकी कंपनी लोअर मैनहट्टन इलाके में काम करती है और उनकी टीम हर दिन 10 से 20 कुत्तों को घुमाती है. काम बढ़ने के बाद उन्होंने एक और डॉग वॉकर को नौकरी पर रखा और उसे ट्रेनिंग भी दी. वह व्यक्ति दोपहर के समय कुत्तों को घुमाता है, जब कोबी अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी में व्यस्त रहते हैं.
ग्राहकों की तारीफ से बढ़ा कारोबार
कोबी का कहना है कि उनका बिजनेस ज्यादातर लोगों की तारी से बढ़ा है. अगर किसी इलाके में आप अच्छा काम करते हैं, तो लोग खुद दूसरों को आपके बारे में बताते हैं. इसके अलावा वह बिजनेस कार्ड भी बांटते हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं. उन्होंने अपनी सेवा को साधारण डॉग-वॉकिंग सर्विस की बजाय लक्जरी सेवा के रूप में पेश किया है. उनका मानना है कि न्यूयॉर्क जैसे व्यस्त और तनाव भरे शहर में लोग चाहते हैं कि उनके पालतू जानवरों की अच्छी देखभाल हो. इसलिए वह हर ग्राहक को खास अनुभव देने की कोशिश करते हैं और उसी हिसाब से फीस लेते हैं. कीमत कुत्ते के आकार, व्यवहार, समय और स्थान के अनुसार तय होती है.
हालांकि यह काम आसान नहीं है. कोबी ने बताया कि बारिश, तेज गर्मी या कड़ाके की ठंड में भी कुत्तों को घुमाना पड़ता है. खासकर सर्दियों की सुबह जल्दी उठना काफी मुश्किल होता है. फिर भी उन्हें यह काम बहुत पसंद है क्योंकि जानवरों के साथ समय बिताने से उन्हें खुशी और सुकून मिलता है. कोबी का सपना है कि एक दिन उनका यह साइड बिजनेस इतना बड़ा हो जाए कि वह इसे ही अपना फुल-टाइम काम बना सकें.
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