ठाकुरगंज। निज संवाददाता भारत-नेपाल सीमा से सटे और भारत-बांग्लादेश सीमा के नज़दीक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ठाकुरगंज क्षेत्र में प्रस्तावित सेना स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच बड़े पैमाने पर हुई जमीन की खरीद-बिक्री अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार भेलागुड़ी मौजा में सेना के लिए 189.68 एकड़ निजी भूमि अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी मौजा में अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान और उससे पहले सात खरीदारों द्वारा कुल 70.91 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।
उपलब्ध रजिस्ट्री अभिलेखों के अनुसार इन खरीदारों का संबंध दिल्ली और उत्तर प्रदेश से है। खरीदारों की सूची में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का नाम भी दर्ज है। दस्तावेजों के अनुसार उनके नाम लगभग 1.61 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री हुई है, जबकि अन्य खरीदारों ने इससे अधिक रकबे की जमीन खरीदी है। सभी रजिस्ट्रियों को मिलाकर कुल खरीदी गई भूमि 70.91 एकड़ से अधिक है।
सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि रक्षा मंत्रालय की ओर से सेना स्टेशन की स्थापना के लिए वर्ष 2025 में प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद जिला प्रशासन, सेना और रक्षा संपदा विभाग के बीच पत्राचार, सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ती रही। इसी अवधि में भेलागुड़ी मौजा में लगातार कई रजिस्ट्रियां दर्ज हुईं। अभिलेखों के अनुसार 28 मार्च 2026 को एक ही दिन कई बड़े भूखंडों की रजिस्ट्री भी हुई, जिससे पूरी प्रक्रिया की समय-रेखा चर्चा में आ गई है।
जानकारों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की संभावना वाले क्षेत्र में कम समय के भीतर बड़े पैमाने पर हुई खरीद-बिक्री स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करती है। हालांकि उपलब्ध सरकारी दस्तावेज केवल रजिस्ट्री और अधिग्रहण प्रक्रिया की जानकारी देते हैं। इनसे किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों के उल्लंघन या किसी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ऐसे किसी भी मामले में सत्यता का निर्धारण केवल सक्षम जांच एजेंसी अथवा संबंधित प्राधिकारी की जांच के बाद ही संभव होगा।
इधर जिला प्रशासन की ओर से किसानों को नोटिस जारी करने, मुआवजा निर्धारण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी कार्रवाई निर्धारित कानून और नियमों के अनुसार की जा रही है।
इस बीच चाय बागान अथवा कृषि भूमि की आवासीय श्रेणी में रजिस्ट्री को लेकर पूछे जाने पर ठाकुरगंज के अवर निबंधक (रजिस्ट्रार) कुमार दीनबंधु ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी कृषि भूमि की रजिस्ट्री आवासीय श्रेणी में कराना चाहता है तो उससे सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में निबंधन विभाग को कोई आपत्ति नहीं होती, क्योंकि इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होती है।
मुख्य बिंदु
भेलागुड़ी मौजा में सेना स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सात खरीदारों ने कुल 70.91 एकड़ भूमि खरीदी लिया।
खरीदारों की सूची में राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का नाम भी शामिल।
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