पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या और संक्रांति के दुर्लभ संयोग पर सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार आस्था के महासागर में तब्दील हो गई। तड़के से ही हरकी पैड़ी समेत सभी प्रमुख गंगा घाटों पर रिकॉर्डतोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जिससे शहर की यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाएं दिनभर दबाव में रहीं। सोमवती अमावस्या, संक्रांति और पुरुषोत्तम मास के समापन के शुभ संयोग ने हरिद्वार में वर्षों बाद अभूतपूर्व श्रद्धालु सैलाब ला दिया। वीकेंड और विशेष स्नान पर्व के संयोग ने इस बार यात्रा सीजन की अब तक की सबसे बड़ी भीड़ दर्ज कराई। इससे पहले आठ अप्रैल 2024 को सोमवती अमावस्या पर करीब 45 लाख श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि वर्ष 2025 में सोमवती अमावस्या नहीं पड़ी थी।
सोमवार सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हरकी पैड़ी, प्रेमनगर आश्रम घाट, अमरापुर घाट, बिरला घाट सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पूरे दिन गंगा तट ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगे’ के जयघोष से गूंजते रहे। वीकेंड और विशेष स्नान पर्व के एक साथ पड़ने से यात्रा सीजन की अब तक की सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होने के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा।
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