सोशल मीडिया से बढ़ रहा डिजिटल साम्राज्यवाद: कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा बोलीं- पत्रकारिता में साहित्य और चिंतन… – Dainik Bhaskar

प्रयागराज के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में ‘हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष: विरासत, सरोकार और विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी गुरुवार को समाप्त हुई। समापन समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की।
कार्यक्रम में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई के पूर्व कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक मुख्य अतिथि और दैनिक भास्कर, नागपुर के समूह संपादक प्रकाश दुबे विशेष अतिथि रहे।
प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि 1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद पत्रकारिता तेजी से बदली है। इसमें साहित्य और चिंतन-मनन से जुड़े मुद्दों की जगह लगातार कम हो रही है। उन्होंने इसे चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा कि साहित्यिक संपादकों का दौर खत्म होने से कई साहित्यिक पत्रिकाएं बंद हो गई हैं। वैश्विक मीडिया के असर से पत्रकारिता ग्राहक केंद्रित होती जा रही है। सोशल मीडिया ने संचार का नया चेहरा दिया है, लेकिन इसके जरिए त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं का व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है।
कुलपति ने सोशल मीडिया के इस इस्तेमाल को डिजिटल साम्राज्यवाद का एक रूप बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का बढ़ता नशा युवा पीढ़ी के लिए चुनौती बन रहा है। सुरक्षित भविष्य के लिए सांस्कृतिक परंपराओं के साथ विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
प्रकाश दुबे ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल आर्थिक तरक्की से पूरा नहीं होगा। इसके लिए नागरिकों की खुशहाली, बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर और व्यक्तिगत आजादी की रक्षा भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विकास पत्रकारिता का काम सिर्फ सरकारी विज्ञप्तियां छापना नहीं है। विकास से जुड़े मुद्दे उठाना, कमियां सामने लाना और सरकार को रचनात्मक सुझाव देना भी इसकी जिम्मेदारी है।
प्रो. राम मोहन पाठक ने कहा कि संतुलित और सकारात्मक पत्रकारिता भारतीय पत्रकारिता की विरासत है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि राष्ट्र के जरूरी मुद्दों और जनहित के विषयों को प्राथमिकता देना है।
उन्होंने बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करते हुए पत्रकारिता को निरंतर और नया बनाए रखने पर जोर दिया।
Copyright © 2025-26 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News