भास्कर न्यूज | पायला कला
राजस्थान शिक्षक संघ ने स्कूलों में फोटो-वीडियो बनाने तथा लाइव प्रसारण पर रोक लगाने संबंधी विभागीय आदेश का विरोध किया है। संघ के जिलाध्यक्ष भगवानाराम जाखड़ ने बताया कि स्कूलों में गलत इरादे से असामाजिक तत्वों के प्रवेश या कक्षा-कक्ष में जाने की अनुमति पहले से ही नहीं थी। ऐसे में स्कूलों में प्रवेश के साथ फोटो-वीडियो बनाने पर पाबंदी लगाना सरकार की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर पर्दा डालने का प्रयास है।
संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष विनोद पूनिया कशिश एवं बालोतरा जिला मंत्री दिलीप बिरड़ा ने कहा कि संघ इस आदेश का विरोध करता है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों व नागरिकों की आवाज दबाने के बजाय सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट जारी किया जाए स्कूलों में रिक्त पदों को भरा जाए तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर पढ़ाने का अवसर दिया जाए।
राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र शर्मा एवं महामंत्री विजय पोटलिया ने संयुक्त बयान में कहा कि शिक्षा समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है और समुदाय की भागीदारी से ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था संभव है। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना के माध्यम से भामाशाहों के सहयोग से स्कूलों में करीब 250 करोड़ रुपए की भौतिक सुविधाएं विकसित हुई हैं। मीडिया ने भी स्कूलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं व आवश्यकताओं को सरकार तथा समाज के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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