Shreeom Singh
Date: 29-09-26 11:31
इटावा: दोस्ती से शुरू हुई कहानी अब करोड़ों रुपये की शिकायत, ब्लैकमेलिंग और कथित हनी ट्रैप के आरोपों तक पहुंच गई है. उत्तर प्रदेश के इटावा के जसवंतनगर में यूट्यूबर शिवांगी यादव और आशुतोष यादव उर्फ टोनू यादव के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. शिवांगी का आरोप है कि पहले उन्हें निजी फोटो और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया गया, फिर धमकी दी गई और विरोध करने पर हनी ट्रैप समेत दूसरे मामलों में फंसाने की कोशिश हुई. वहीं, आशुतोष यादव ने भी पलटवार करते हुए एसएसपी से शिकायत की है और शिवांगी समेत पांच लोगों पर करीब 1.76 करोड़ रुपये लेने तथा 50 लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया है.
एक तरफ जान से मारने की कथित धमकी और निजी वीडियो के जरिए दबाव बनाने की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ लाखों-करोड़ों रुपये के लेन-देन और ब्लैकमेलिंग की शिकायत सामने आई है. अब सवाल यह है कि आखिर इस विवाद की शुरुआत कहां से हुई और दोनों पक्षों के दावों में कितनी सच्चाई है? फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी.
शिवांगी ने पुलिस पर भी उठाए सवाल
शिवांगी के मुताबिक, उन्होंने मामले को लेकर स्थानीय थाने में कई बार संपर्क किया. उनका दावा है कि वहां उन्हें अपेक्षित सुनवाई या कार्रवाई नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की.
यूट्यूबर का कहना है कि जब स्थानीय स्तर पर उन्हें राहत नहीं मिली तो अब वह इस मामले को उच्च स्तर पर ले जाना चाहती हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने और जल्द कार्रवाई की अपील की है.
कौन हैं शिवांगी यादव?
शिवांगी यादव, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में अश्वी यादव के नाम से भी बताया गया है, उत्तर प्रदेश के इटावा की सोशल मीडिया क्रिएटर और यूट्यूबर हैं. वह सोशल मीडिया पर डांस रील्स और दूसरे वीडियो कंटेंट के लिए जानी जाती हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं. इससे पहले भी वह इटावा में एक विवाद को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं. जनवरी 2026 में इटावा पुलिस ने एक दुकानदार से मारपीट और तोड़फोड़ से जुड़े मामले में अश्वी यादव और उनकी बहन नीतू यादव को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई घटना के करीब तीन महीने बाद हुई थी.
अब सामने आया आशुतोष यादव का पक्ष
इस विवाद में अब आशुतोष यादव उर्फ टोनू यादव की शिकायत भी सामने आई है. रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने एसएसपी इटावा को लिखित शिकायत देकर शिवांगी यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत में अश्ववी यादव उर्फ शिवांगी यादव के अलावा नीतू सिंह यादव, शिवम यादव, गीतांजलि जादौन और अभिषेक यादव के नाम बताए गए हैं. आशुतोष ने इन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, उनकी शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
1 करोड़ 75 लाख रुपये से ज्यादा लेने का दावा
आशुतोष यादव की शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग माध्यमों से उनसे कुल 1 करोड़ 75 लाख 68 हजार 683 रुपये लिए गए. उन्होंने करीब 50 लाख रुपये और मांगे जाने का भी आरोप लगाया है.
शिकायत में बैंक के जरिए किए गए लेन-देन के साथ नकद भुगतान का भी दावा किया गया है. आशुतोष ने पुलिस से इन सभी लेन-देन की जांच कराने की मांग की है.
दोस्ती से लेकर महंगी शॉपिंग तक का आरोप
आशुतोष यादव ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि शुरुआत में उनके साथ दोस्ती और नजदीकी बढ़ाई गई. इसके बाद कथित तौर पर आगरा, नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में ले जाकर महंगे मॉल, बार और दूसरी जगहों पर खर्च कराया गया.
उनका आरोप है कि इस दौरान निजी फोटो, वीडियो और बातचीत से जुड़ी सामग्री भी जुटाई गई. आशुतोष का दावा है कि बाद में इसी सामग्री के जरिए उन पर दबाव बनाया गया और पैसे की मांग की गई.
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
बैंक खातों और मोबाइल की जांच की मांग
आशुतोष यादव ने पुलिस से पूरे मामले की आर्थिक और डिजिटल जांच कराने की मांग की है. उन्होंने संबंधित बैंक खातों की जांच कर कथित रकम के लेन-देन का सत्यापन कराने की बात कही है.
इसके अलावा उन्होंने मोबाइल फोन, कॉल हिस्ट्री, चैट और दूसरे डिजिटल सबूतों की भी जांच कराने की मांग की है. शिकायत के साथ बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत दिए जाने का दावा किया गया है.
दोनों तरफ से आरोप, अब जांच पर टिकी नजर
इस मामले में अब दोनों पक्षों की तरफ से गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं. शिवांगी यादव जहां ब्लैकमेलिंग, धमकी और उन्हें कथित तौर पर हनी ट्रैप या दूसरे मामलों में फंसाने की कोशिश का आरोप लगा रही हैं, वहीं आशुतोष यादव ने बड़ी रकम के लेन-देन और कथित ब्लैकमेलिंग को लेकर पुलिस में शिकायत दी है.
फिलहाल मामला दोनों पक्षों की शिकायत और उनके दावों के स्तर पर है. ऐसे में आरोपों को सही या गलत मानने से पहले पुलिस जांच का इंतजार करना जरूरी है. बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, चैट, कॉल हिस्ट्री और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच से मामले में आगे की तस्वीर साफ हो सकती है.
अभी तक आशुतोष यादव की ओर से शिवांगी के आरोपों पर कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित विस्तृत प्रतिक्रिया और पुलिस की ओर से जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. इसलिए इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे.
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