महापुरुष स्मारक समिति एवं सर्व समाज जागरूकता अभियान के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर एक निजी हॉस्पिटल मे समारोह पूर्वक मनाया गया। जिसमें मां सरस्वती एवम भगवान श्री गणेश की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजन कर लड्डू का भोग लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने कहा कि हिन्दी मातृ भाषा है जो कि पूरे विश्व में सौ करोड़ लोग बोलते हैं एवम समझते हैं। हिन्दी विश्व में तीसरे नंबर पर इस्तेमाल वाली भाषा है। संविधान सभा ने एक मत से हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया और कहा की हमारी देवनागरी लिपि होगी तथा संख्याओं का स्तर अन्तर्राष्ट्रीय होगा।
हमे हिंदी बोलने में शर्म नहीं होनी चाहिए और दिखावे के लिए अंग्रेज़ी न ही बोले और सीखे। हम हिन्दी पर गर्व महसूस करें। अंत में उन्होंने ने स्वरचित हिंदी कविताओं से भी समां बांध दिया। इस दौरान महेश कुमार गुप्ता, डॉक्टर अरविन्द कुमार गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि डॉक्टर निशा गुप्ता, डॉक्टर नितिन कौशिक, अंकित वार्ष्णेय, पंकज अग्रवाल, आशीष कुमार, हिमांशु यादव, विकास यादव, शिवकुमार यादव, श्री नीलम गुप्ता, राममूर्ति गुप्ता, लोकेश यादव, विनोद मौर्य, स्वाति यादव ने विचार व्यक्त किए। वहीं श्री नारायण सेवा समिति के तत्वावधान में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दी सेवा सप्ताह आयोजित किया गया। जिसके अन्तर्गत विभिन्न विद्यालयों में भिन्न-भिन्न पाठ्य सहगामी क्रियाओं में निबंध, सुलेख, श्रुतलेख, पत्र लेखन, कविता लेखन आदि प्रतियोगिताएं संपन्न कराई गईं । सभी प्रतिभागियों ने अपने भरपूर प्रयास से प्रतियोगिताओं में सफलता पाई। निबंध लेखन में उन्नति यादव प्रथम, प्रतिज्ञा यादव द्वितीय तथा ध्रुव कुमार तृतीय स्थान पर रहे । सुलेख में श्रुतलेख में नव्या दुबे ने प्रथम, नंदिनी अग्रवाल ने द्वितीय तथा प्रकृति अग्रवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । पत्र लेखन में आराध्या प्रथम, विनायक द्वितीय तथा प्रियांशु तृतीय स्थान प्राप्त पर रहे । कविता लेखन में विकास कुमार ने प्रथम, अक्षय सक्सेना ने द्वितीय तथा तनु ने तृतीय स्थान पर बाजी मारी । सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान हरीश कठैरिया, सुभाष वार्ष्णेय भोलेनाथ, डा. राजकुमार गोयल के. जी. गुप्ता, दृगपालसिंह आदि मौजूद रहे।
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