भास्कर संवाददाता| सेंधवा
वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय पीजी कॉलेज सेंधवा में बुधवार को हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। भारतीय ज्ञान-परंपरा प्रकोष्ठ व हिंदी विभाग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय ज्ञान-परंपरा में हिंदी भाषा व साहित्य की भूमिका विषय पर विचार व्यक्त किए।
कॉलेज के प्रो. विकास पंडित ने बताया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए केवल जागरूक रहने के बजाय जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. किशोर सोलंकी ने कहा कि हिंदी भाषा ने अनेक भाषाओं के शब्दों को आत्मसात किया है। इसे बेहतर ढंग से सीखने व सिखाने की जरूरत है। प्रो. दिनेश चंद्र भूरिया ने कहा, हिंदी को जानो, समझो और लिखो। उन्होंने हिंदी साहित्य का इतिहास बताते हुए कहा कि हिंदी साहित्य को पढ़ने व समझने से मन में प्रकृति से जुड़ाव सहित विभिन्न भाव उत्पन्न होते हैं।
प्रो. जितेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि जितनी पवित्र गंगा है, उतनी ही पवित्र हमारी हिंदी भाषा है। छात्र प्रकाश सोलंकी ने कहा कि हिंदी दिवस भाषा के महत्व को समझने, उसके प्रति सम्मान व्यक्त करने और दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का अवसर देता है। उन्होंने हिंदी के प्रति निरंतर जुड़ाव व जिम्मेदारी का संकल्प लेने की बात कही।
कार्यक्रम प्रभारी प्रो. राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि हिंदी दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में शामिल है। प्रतियोगिता में प्रकाश सोलंकी प्रथम, सिद्धि गुप्ता द्वितीय और सुमित राठौर तृतीय रहे। विजेताओं को प्राध्यापकों ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर प्रो. संगीता परमार, मीतू मोतियानी, राजेश नावड़े, नितिन डावर, नीलेश ठाकुर, रेखा पंवार, आयुश्री अलावे और विष्णु निकुम सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।
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