2,200 फैक्ट्रियां सील, 334 टीमें तैनात… दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम की तैयारी, एक्शन में रेखा सरकार – Bharat24live

Yuvraj Singh
Date: 19-10-26 21:36
Delhi Air Pollution: दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत से पहले ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. प्रदूषण बढ़ने के संभावित खतरे को देखते हुए पर्यावरण विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) क्षेत्र का निरीक्षण किया और ऊंची इमारतों में लगाए गए एंटी-स्मॉग गन व वॉटर मिस्ट सिस्टम की स्थिति की जांच की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
ऊंची इमारतों में एंटी-स्मॉग गन की जांच
दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के निर्देशों के तहत ग्राउंड प्लस पांच यानी G 5 या उससे ऊंची व्यावसायिक, संस्थागत और हॉस्पिटैलिटी इमारतों में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का पालन करना जरूरी है. यह नियम उन इमारतों पर लागू होता है, जिनका कुल निर्मित क्षेत्र 3,000 वर्गमीटर से अधिक है. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निर्माण सहित दूसरी गतिविधियों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करना है. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन इमारतों, होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों में एंटी-स्मॉग गन या वॉटर मिस्ट सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
निर्माण स्थलों और मलबे पर भी रहेगी नजर
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए केवल मशीनें लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा. निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के साथ कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (C&D) वेस्ट का उचित निस्तारण भी जरूरी है. पर्यावरण मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की जांच की जाए और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार एजेंसियों व प्रतिष्ठानों के खिलाफ कदम उठाए जाएं. सरकार का जोर इस बात पर है कि निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए निर्धारित मानकों का प्रभावी तरीके से पालन हो.
AI सेंटर और 334 टीमें कर रहीं 24 घंटे निगरानी
मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण पर नजर रखने के लिए 1 अक्टूबर से AI-सक्षम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 60 कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) और 334 प्रवर्तन टीमें लगातार काम कर रही हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि नियमों का पालन नहीं करने वाली 2,200 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को सील किया गया है. इन व्यवस्थाओं के जरिए प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान दिया जा रहा है.
1 नवंबर से गैर-BS-VI वाहनों पर लागू होंगे प्रतिबंध
आगामी 1 नवंबर से BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर निर्धारित प्रतिबंध लागू होंगे. पर्यावरण मंत्री ने वाहन मालिकों से नियमों का पालन करने और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) रखने की अपील की है. वहीं, सर्दियों के लिए तैयार विंटर प्रोटोकॉल में गैर-BS-VI बाहरी वाहनों पर प्रतिबंध के अलावा पार्किंग शुल्क दोगुना करने और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय भी शामिल हैं. इन कदमों का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करना है.
प्रदूषण रोकने के लिए नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी
दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकारी निगरानी के साथ नागरिकों, निर्माण एजेंसियों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा. पर्यावरण मंत्री ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सर्दियों में प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए आने वाले दिनों में निगरानी और प्रवर्तन की भूमिका अहम रहने वाली है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घोषित उपायों का जमीन पर कितना प्रभाव पड़ता है और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर किस हद तक नियंत्रण हो पाता है.
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News