रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भारतीय सेना को बड़ी सौगात देने की बात की है. एक रक्षा सम्मेलन में रक्षामंत्री ने कहा है कि “भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है.” उनका कहना है कि इस राह में चुनौतियां जरूर होंगी, लेकिन देश का संकल्प अडिग है.
रक्षामंत्री ने कहा कि भारत अगले दो दशकों के युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहा है.
पाकिस्तान पर इशारों में किया हमला
पाकिस्तान की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि जब तक ‘‘हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को सरकारी नीति के रूप में जारी रखता है, तब तक भारत उसके खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है.’’
इस कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
भारत सभ्य राष्ट्र, लेकिन आतंकवाद का देंगे करारा जवाब
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं.
सिंह ने यह भी कहा कि “भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है.” उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है.
तकनीकी में अग्रणी देश ही मारेगा मैदान
अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो देश तकनीकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी. उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया.
विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं. हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है. हमारा लक्ष्य है – बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े.’’
Input: PTI (भाषा)
धर्मेंद्र बैरागी हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में हिन्दी डिजिटल पत्रकारिता पर शोध कर रहे हैं. इनके रुचि के विषय साहित्य, राजनीति एवं खेल आदि है. वर्तमान में एबीपी न्यूज में इंटर्न के रूप में कार्यरत हैं. संपर्क करें- dharmendradasbairagi13@gmail.com
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