Shreeom Singh
Date: 28-09-26 11:26
Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच करीब तीन साल से जारी युद्ध में गाजा में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 74 हजार के पार पहुंच गया है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी. पिछले 10 अक्टूबर को लागू हुए सीजफायर के बाद बड़ी लड़ाई काफी हद तक रुकी है, लेकिन इजराइली हमले अभी भी जारी हैं. इजराइली सेना का कहना है कि ये कार्रवाई हमले या किसी खतरे के जवाब में की जा रही है.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 74,016 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 1,75,068 लोग घायल हुए हैं. यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले के बाद शुरू हुआ था. उस हमले में इजराइल में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था.
जंग के बीच हजारों परिवारों ने खोए अपने लोग
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सीजफायर लागू होने के बाद से अब तक 1,145 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है. मंत्रालय मौतों का रिकॉर्ड रखता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन आम तौर पर भरोसेमंद मानते हैं. हालांकि, इसके आंकड़ों में आम नागरिकों और लड़ाकों के बीच अलग-अलग जानकारी नहीं दी जाती. मंत्रालय के अनुसार मृतकों में करीब आधे महिलाएं और बच्चे हैं.
वहीं, सीजफायर के बाद से सात इजराइली सैनिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. युद्धविराम के बावजूद कई अहम मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है. इजराइली सेना गाजा के आधे से ज्यादा हिस्से पर नियंत्रण रखती है, जबकि हमास ने हथियार नहीं छोड़े हैं. नई फिलिस्तीनी सरकार और गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हुई है.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि हमास के हथियार डालने तक इजराइली सेना गाजा से पूरी तरह पीछे नहीं हटेगी.
अगले महीने नेतन्याहू के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा
इजराइल की प्रमुख विपक्षी यहूदी पार्टियों ने अगले महीने होने वाले अहम चुनाव में नेतन्याहू के गठबंधन को हराने के लिए साथ काम करने का ऐलान किया है. इन दलों को पहले आपसी मतभेदों के लिए आलोचना झेलनी पड़ी है. 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है और इसे हमले से पहले हुई सुरक्षा संबंधी नाकामियों को लेकर जनता के रुख से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
बैठक में पूर्व सैन्य प्रमुख और नेतन्याहू के प्रमुख चुनौतीकर्ता माने जाने वाले गादी आइजेनकोट, पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड, सेंटर-लेफ्ट पार्टी के नेता यायर गोलान और विपक्षी नेता एविगडोर लिबरमैन शामिल हुए.
इन नेताओं ने कहा कि वे मतदान बढ़ाने, फेक न्यूज और बदनाम करने वाले अभियानों का मुकाबला करने के साथ अगली सरकार के बुनियादी मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे. संयुक्त बयान में कहा गया कि ये चुनाव इजराइल के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
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