West Champaran News: पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में सुदूरवर्ती दोन के दुर्गम इलाकों से सटे डुमरी में अब गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद तेज हो गईं है. SSB 65वीं बटालियन के कदमताल से संस्कृति सामर्थ्य सिलाई केंद्र खोला गया है, जिसमें आदिवासी बहुल्य इलाकों की महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है.
एक ओर लेट्स इंस्पायर बिहार के प्रणेता और आईजी विकास वैभव ने पिछले महीने गार्गी पाठशाला का उद्घाटन कर यहां बच्चों में बुनियादी शिक्षा की अलख जगाई तो वहीं अब सिलाई कढ़ाई कार्य से जोड़कर दर्जनों महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, बल्कि रेड कॉरिडोर के रूप में विख्यात रहे इस इलाके में नारी सशक्तिकरण को बल दिया जा रहा है.
यही वजह है कि SSB 65वीं बटालियन के कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा के साथ विधायक नंदकिशोर राम और आदिवासी अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष शैलेन्द्र गढ़वाल इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनें और सभी ने एक साथ द्वीप जलाकर अभियान की भव्य शुरुआत की.
बताया जा रहा है कि पश्चिम चंपारण जिला के रामनगर स्थित डुमरी में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन संस्कृति फाउंडेशन और SSB 65वीं बटालियन बेतिया के संयुक्त सहयोग से किया गया है. इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ना है ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकें.
इसके साथ ही कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करना इसका मकसद है. सरकार और प्रशासन के इस पहल से स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है. गार्गी पाठशाला बिहार के 14 जिलों के कुल 28 केंद्रों पर संचालित है, जहां सुदूरवर्ती पिछड़े क्षेत्र के बच्चों को आईपीएस विकास वैभव के निर्देशन में मुफ़्त शिक्षा प्रदान की जा रही है. वहीं, अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल भी काबिले तारीफ है.
अधिकारियों और आयोग के अध्यक्ष द्वारा दावा किया जा रहा है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण केंद्र ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. साथ ही, ऐसे प्रयास से सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति और दिशा मिलेगी.
बता दें कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में चंपरण नक्सल मुक्त घोषित हुआ है, लिहाजा समाजसेवी महिला निधि राय ने रामनगर के इस डुमरी क्षेत्र में गार्गी पाठशाला के साथ-साथ अब सामर्थ्य सिलाई केंद्र की शुरुआत कर बदलते बिहार में नए आयाम को गति देने का काम किया है.
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