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उत्तर प्रदेश के काशी रेलवे स्टेशन विस्तार के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है. रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित गंज शहीदा मस्जिद की दीवार पर एक नोटिस लगाया है. इस नोटिस में रेलवे ने स्टेशन के विस्तार कार्य के लिए 20 जून तक जगह खाली करने की मांग की है.
हालांकि, मस्जिद का प्रबंधन करने वाली संस्था इंतजामिया मस्जिद समिति ने इस नोटिस को गैर-कानूनी बताया है और कहा है कि वह इस कदम को अदालत में चुनौती देगी.
कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक अर्पित गुप्ता ने कहा कि स्टेशन के विस्तार और प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए काशी रेलवे स्टेशन के आसपास की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है. गुप्ता ने कहा, कई जगहों की पहचान की गई है और उसी के अनुसार कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा कि रेलवे और जिला प्रशासन ने पहले भी काशी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास अतिक्रमण-विरोधी अभियान चलाए हैं. उन्होंने बताया कि एक संयुक्त अभियान के तहत राजघाट इलाके में स्थित एक हनुमान मंदिर और अजमेर शहीद मस्जिद को पहले ही हटाया जा चुका है.
गुप्ता ने कहा कि तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए 3 दिन पहले एक नोटिस लगाया गया था, जिसमें स्टेशन गेट पर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को खाली करने का निर्देश दिया गया था.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इंतजामिया मस्जिद समिति के सचिव मोहम्मद यासीन ने आरोप लगाया कि रेलवे का नोटिस अमान्य है क्योंकि उस पर न तो कोई तारीख है, न हस्ताक्षर और न ही उसका लोगो.
यासीन ने कहा, अगर रेलवे ने ऐसे नोटिस लगाए हैं, तो वह कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है.वहीं उन्होंने दावा किया कि रेलवे ने अदालत में एक हलफनामा जमा किया था जिसमें माना गया था कि मस्जिद मुसलमानों की है.
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