चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल आरवी अर्लेकर का पहला भाषण बिना किसी विवाद या रुकावट के हुआ। उन्होंने तमिलनाडु के विकास और टीवीके सरकार की नीतियों का खाका पेश किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र से फंड के सही बंटवारे को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। अर्लेकर ने कहा कि सरकार ने संस्थागत सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सुधारों का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी विभागों की खरीद और पब्लिक टेंडर पूरी पारदर्शिता के साथ हों और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
बिचौलियों का दखल और अब तक चली आ रही गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेने की प्रथाओं को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के कारण बड़े पैमाने पर राजस्व के नुकसान का पता चलने के बाद राज्य के माइनिंग सेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की।सत्र की शुरुआत सुबह 10 बजे राज्यपाल के पारंपरिक भाषण के साथ हुई। इसमें राज्य गान और उसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। यह सदन की उस परंपरा से अलग था, जिसके तहत आमतौर पर राज्यपाल के भाषण के आखिर में राष्ट्रगान गाया जाता है। इस बार, राष्ट्रगान भाषण की शुरुआत और आखिर दोनों समय गाया गया। बाद में, सोशल मीडिया पोस्ट में अर्लेकर ने इस बात पर खुशी जताई कि तीन साल में पहली बार विधानसभा में उनका भाषण बिना किसी रुकावट के पढ़ा गया। राज्यपाल का इशारा जाहिर तौर पर पिछली डीएमके सरकार और उनके पूर्ववर्ती आरएन रवि के बीच हुए कथित टकराव की ओर था। रवि ने 2024 में तत्कालीन डीएमके सरकार द्वारा तैयार किए गए पूरे भाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया था, जिन हिस्सों से वे सहमत नहीं थे उन्हें छोड़ दिया था और विधानसभा से बाहर चले गए थे।
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