-एक जुलाई को राज्यव्यापी विरोध की दी चेतावनी -वित्त विभाग और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया आरा, निज प्रतिनिधि। फूटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव सह विधान पार्षद संजय कुमार सिंह ने वित्त विभाग और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया है।
द्वय शिक्षक नेताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद मार्च से मई तक के वेतन और पेंशन मद की तदर्थ अनुदान राशि मंगलवार देर रात जारी तो कर दी गई, लेकिन उसे नये पे एवं पेंशन लेजर में जमा कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक पुराने लेजर से सभी आईडी नए लेजर में स्थानांतरित नहीं हो जातीं, तब तक विश्वविद्यालय उस राशि का संचालन नहीं कर सकेगा। इस प्रक्रिया में 7 से 10 दिनों का समय लग सकता है।
नेताओं ने कहा कि यदि विश्वविद्यालयों को मार्च या अप्रैल में ही नए लेजर की जानकारी दे दी जाती, तो आवश्यक तैयारी कर ली जाती। उनके अनुसार यह स्थिति ऐसी है कि राशि दी भी गई और नहीं भी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। फूटाब नेताओं ने मुख्यमंत्री के उस हालिया बयान का उल्लेख किया, जिसमें वेतन और पेंशन को कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार बताया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट नसीहत के बावजूद अधिकारी उसी ढर्रे पर काम कर रहे हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ राज्यस्तरीय आंदोलन चलाया जाएगा। संगठन ने सरकार से 25 जून तक विश्वविद्यालयों को वित्तीय संकट से उबारने तथा वेतन-पेंशन के नियमित भुगतान की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। कहा कि ऐसा नहीं होने पर एक जुलाई को कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालयों तक व्यापक राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।हालांकि इससे नए प्रखंड कॉलेज इस आंदोलन से मुक्त रहेंगे।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play