184 आसनों में श्रेया त्यागी को है महारथ हासिल – Live Hindustan

खगड़िया, जितेन्द्र कुमार बबलू अद्भुत व अविस्मरणीय 184 योगकला में महारथ हासिल कर श्रेया त्यागी ने जिले का राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाया है। उसकी योग कला को देखकर हर कोई दंातों तले अंगुलियों दबाने लगते हैं। खगड़िया शहर के लोहापट्टी शिवालय रोड की रहने महेन्द्र त्यागी व श्रद्धा देवी की पुत्री श्रेया त्यागी पलक झपकते ही योगासन, प्राणायाम व हठयोग करने में माहिर है। अपने पूरे शरीर को जिमनास्ट की तरह चारों दिशाओं में घुमा देती है। 21 सितंबर 2002 को जन्मी श्रेया अपने दादा स्व. गुरू शांति प्रकाश व्यायामाचार्य को आदर्श मानती है। योग में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी श्रेया अब तक दर्जनों राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। फिलहाल वह राजनीतिशास्त्र विषय से एमए की पढ़ाई कर रही है। उसक अद्भुत योग कला के कारण उन्हें लोग योगपरी के रूप में जानते हैं।
श्रेया खेलने कूदने के उम्र में सीख चुकी थी कई दुर्लभ आसन: श्रेया त्यागी के पिता महेन्द्र त्यागी बताते हैं कि दो वर्ष की उम्र में ही श्रेया सुर्खियों में आ गई थी। श्रेया पर पिता होने का उन्हें जितना मुझे गर्व है उससे कहीं अधिक देशवासियों को है। श्रेया की मां श्रद्धा त्यागी कहती हैं कि खेलने कूदने की उम्र में ही योग के कई दुर्लभ आसन सीख चुकी थी। श्रेया योग के बारे में बताती है कि जो योग करेगा, वही मौज करेगा। योग का अर्थ है- जुड़ना। आत्मा का परमात्मा से मिलन ही योग कहलाता है। यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि ऐसी साधना है जो व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति, एकाग्रता और आंतरिक स्थिरता भी प्रदान करती है। भारत में योग की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। हमारे ऋषि-मुनियों ने योग को जीवन का अभिन्न अंग माना था। महर्षि पतंजलि ने योग के सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत कर मानव समाज को एक अमूल्य ज्ञान प्रदान किया। आज विश्वभर में योग को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और इसकी उपयोगिता को स्वीकार किया जा रहा है।
पड़ोसी देश नेपाल में हो चुकी हैं सम्मानित: शहर के श्यामलाल डीएवी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाली फरकिया की इस होनहार बेटी ने बिहार के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के काठमांडू के अलावा सिक्किम, पोर्टब्लेयर में भी सम्मानित हो चुकी हैं। वर्ष 2007 में दिल्ली में उन्हें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया गया। पंजाब शहर के फजिल्का में वर्ष 2007 में आयोजित आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2008-09 में कलकत्ता में आयोजित ॲफिसियल ऑल इंडिया योगासन चेम्पियनशिप में श्रेया को सम्मान मिला। वही वर्ष 2005, 2008 व 2011 में गणतंत्र दिवस पर खगड़िया जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। इसके अलावा वर्ष 2016 में दैनिक कश्मीर टाइम्स द्वारा उन्हें सम्मानित किया।
श्रेया की योगकला के कई दिग्गज हैं मुरीद: बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, योग गुरुरामदेव आदि दिग्गज भी श्रेया की मुरीदें हैं। पलक झपकते ही योगासन, प्राणायाम व हठयोग करने में माहिर श्रेया प्रशिक्षित जिमनास्ट की तरह अपनी शरीर को चहुंमुखी दिशाओं में घुमा देती है। वर्ष 2019 में श्रेया त्यागी खगड़िया जिले के कैदी को भी प्रशिक्षित कर चुकी है।
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कैप्शन: योगासन मुद्रा में योगपरी श्रेया त्यागी।
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