नौगावां सादात, संवाददाता। चार मोहर्रम का मातमी जुलूस अंजुमन यादगारे हुसैनी के तत्वावधान में बरामद हुआ। गमगीन माहौल के बीच नौहाख्वानी पर अजादारों ने मातम बरपा कर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। वहीं घरों में सुबह से शुरू हुआ जिक्र-ए-हुसैन देर रात तक चलता रहा। महिलाओं ने घरों में मातमदारी कर बीबी फातिम को लख्ते जिगर की शहादत का पुरसा दिया। रिवायती अंदाज में शनिवार दोपहर इस जुलूस की शुरुआत इमाम बारगाह जैदियान से हुई। जुलूस में सबसे आगे हुसैनी बाजा था। ढोल ताशों से मातमी धुन निकाली जा रही थी। जुलजनाह के साथ अजादार अलम मुबारक लिए हुए चल थे।
मरसियाख्वां मोहर्रम अली व हमनवां द्वारा मर्सिया पेश किया जा रहा था। 14 अलम मुबारक,दो जुलजनाह व एक जरी भी जुलूस का हिस्सा थी। पीछे हजारों की तादाद में अजादार या हुसैन-या हुसैन की सदा बुलंद कर रहे थे। रास्ते में शोएब रजा, तकी अब्बास, अयाज अब्बास, शोऐब नौगांवी ने नौहे पढ़े, जिसे सुनते ही अजादारों ने सीनाजनी करते हुए मातम बरपा कर दिया। बस्ती में तयशुदा रास्तों से घूमकर देर शाम जुलूस इमाम बारगाह जैदियान पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान मोहम्मद हैदर, अली अशरफ, शजर अब्बास, जावेद अब्बास, मंजूर अब्बास, अली मंजर, मौलाना हसन इमाम, फजल इमाम, आबिद इमाम, शहंशाह आदि मौजूद रहे।
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