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नौकरी छोड़ना किसी भी कर्मचारी के लिए आसान फैसला नहीं होता. खासकर तब, जब उसने कई साल तक एक ही कंपनी में मेहनत से काम किया हो. लेकिन जब लगातार छंटनी होने लगे, काम बढ़ जाए और मेहनत के बावजूद वेतन न बढ़े, तो कई लोग नई नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं. हाल ही में रेडिट पर एक कर्मचारी ने अपनी ऐसी ही कहानी शेयर की, जिसे पढ़कर कई लोग हैरान रह गए. कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले छह साल से एक कंपनी में काम कर रहे थे. शुरुआत में उनका इरादा नौकरी छोड़ने का बिल्कुल नहीं था. कुछ समय पहले उन्होंने अपने मैनेजर से पूछा था कि क्या वह अपनी हाइब्रिड नौकरी जारी रखते हुए किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो सकते हैं. पहले भी कंपनी में कुछ कर्मचारियों को ऐसी परमिशन मिल चुकी थी, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि उनका रिक्वेस्ट भी मान लिया जाएगा.
इस दौरान मैनेजर ने उन्हें बताया कि कंपनी में जल्द ही छंटनी होने वाली है. उन्होंने कर्मचारी से यह भी पूछा कि क्या वह नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं. उस समय कर्मचारी ने साफ कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है और वह कंपनी में ही बने रहना चाहते हैं. लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनी ने अपने लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी. इस छंटनी में उस कर्मचारी के सेक्शन में काम करने वाला एक एंप्लॉयी भी शामिल था, जो उस समय छुट्टी पर था. कर्मचारी ने बताया कि यात्रा के दौरान भी उन्हें छंटनी से जुड़ी कॉल में शामिल होना पड़ा. इसके बाद उनके सहकर्मी का पूरा काम भी उन्हें सौंप दिया गया, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो सैलरी बढ़ाई गयी और न ही कोई अतिरिक्त सुविधा दी गई.
3 साल से नहीं बढ़ी थी सैलरी
उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से कंपनी में सैलरी नहीं बढ़ी थी. पहले उन्हें लगता था कि कंपनी में उनका अच्छा भविष्य है, लेकिन छंटनी और बढ़ते काम के बाद उनका यह भरोसा टूट गया. अब उन्हें लगने लगा था कि वह अकेले ही पहले से कहीं ज्यादा काम कर रहे हैं, लेकिन उसके बदले उन्हें कोई फायदा नहीं मिल रहा. इसी बीच उन्हें दूसरी कंपनी से नौकरी का प्रस्ताव मिला, जिसमें 25 प्रतिशत ज्यादा वेतन दिया जा रहा था. बेहतर अवसर देखकर उन्होंने नई नौकरी स्वीकार कर ली और अपनी मौजूदा कंपनी से इस्तीफा देने का फैसला किया. जब उन्होंने अपने मैनेजर को इस्तीफे की जानकारी दी, तो माहौल अचानक बदल गया. कर्मचारी के मुताबिक, मैनेजर काफी नाराज हो गईं. उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी ने पहले ही बता दिया होता कि वह नौकरी छोड़ सकते हैं, तो शायद उनके सेक्शन में काम करने वाले कर्मचारी की नौकरी बचाई जा सकती थी.
यह सुनकर कर्मचारी भी हैरान रह गए. उन्होंने शांत तरीके से जवाब दिया कि छंटनी के बाद उनकी सोच बदल गई थी. बढ़ते काम, वेतन न बढ़ने और भविष्य को लेकर चिंता की वजह से उन्होंने नई नौकरी चुनने का फैसला किया. उन्होंने यह भी कहा कि वह कंपनी छोड़ने से पहले पूरी जिम्मेदारी के साथ काम का करेंगे ताकि किसी तरह की परेशानी न हो. लेकिन मैनेजर ने उनकी बात पूरी तरह नहीं सुनी. उन्होंने बातचीत खत्म करते हुए कर्मचारी से कहा कि फिलहाल वह उनके ऑफिस से बाहर चले जाएं और इस विषय पर बाद में बात करेंगे. इसके बाद मैनेजर ने कर्मचारी से दूरी बना ली. कर्मचारी का दावा है कि उन्होंने बाद में उनकी बातों को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और कुछ जरूरी बैठकों में भी शामिल नहीं हुईं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर किया कमेंट
इस घटना के बाद कर्मचारी ने रेडिट पर लोगों से सलाह मांगी. उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी. ज्यादातर यूजर्स ने कहा कि कर्मचारी ने बिल्कुल सही फैसला लिया. लोगों का मानना था कि जब किसी कंपनी में काम का बोझ लगातार बढ़े, वेतन न बढ़े और कर्मचारियों की छंटनी होती रहे, तो बेहतर अवसर मिलने पर नई नौकरी चुनना गलत नहीं है. कई लोगों ने सलाह दी कि अब उन्हें अपने फैसले को सही साबित करने की जरूरत नहीं है. उनका कहना था कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपना नोटिस दिया और बदलाव में मदद करने की भी बात कही, इसलिए उन्होंने एक जिम्मेदार कर्मचारी की तरह व्यवहार किया. वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी मैनेजर को ऐसी स्थिति में पेशेवर तरीके से व्यवहार करना चाहिए, न कि कर्मचारी पर भावनात्मक दबाव डालना चाहिए.
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