जिले के तीन ऐतिहासिक स्थलों को मिलेगा पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान – Hindustan

खगड़िया, हिन्दुस्तान संवाददाता/जितेन्द्र कुमार बबलू जिले के तीन ऐतिहासिक स्थलों को मिलेगा पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। पर्यटक स्थल बनने से जिले के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वही जिले के आर्थक विकास को एक नई गति मिलेगी। जिले के तीन प्रखंडो में फैली मानसी-महेशखूंट बॉर्डर पर चैधा-बन्नी हॉल्ट स्थित एनएच 31 किनारे 11 किलोमीटर लंबी कसरैया धार में कलकल बहती धारा की मनमोहक छटाएं सभी को आकर्षित करती है। इसकी धारा कभी नहीं सूखती है। कसरैया धार के बारे में यहां के लोगों का कहना है कि यह झील सैकड़ों साल पुरानी है। यह कब से है इसकी किसी को पता नहीं नहीं है। इतना जरूर है कि यह झील सैकड़ों साल से वजूद में है। वहीं, ग्रामीणों ने ये भी कहा कि चाहे सारी नदियां सूख जाएं, लेकिन यह झील आजतक कभी नहीं सूखी है। कसरैया घार में आज भी कलकल बहती घारा की मनमोहक छंटा देखने लायक है। पर्यटन स्थल बनाने के लिए लगभग 25 लाख की रुपये की लागत से वर्ष 2004 में तत्कालीन कला एवं संस्कृति मंत्री अशोक कुमार सिंह ने राज दरबार होटल बनाया। इसके बाद कोई सुविधा नहीं मिल सकी। इधर राज्य सरकार ने 29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपए कसरैया धार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए स्वकृति दी गई है। जिससे अब कसरैया धार के पर्यटन स्थल बनने की आस बलबती हो गई है।
जिले के चौथम प्रखंड अन्तर्गत रोहियार पंचायत में अवस्थित एक मात्र शक्तिपीठ मां कात्यायनी मंदिर का 19 करोड़ की राशि से विकास हो रहा है। पहले फेज में राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने आठ करोड़ 19 लाख रुपए दिए थे। वही कोषाध्यक्ष डॉ सन्नी कुमार भवेश बताते हैं दूसरे चरण में 11 करोड़ की राशि की शक्तिपीठ माता कात्यायनी मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मिली है। जिसके काम को लेकर टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा इस परियोजना पर पहले चरण में 8 करोड़ 19 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। जानकारी के अनुसार, पर्यटन विभाग मंदिर परिसर में भोजनालय, अतिथिशाला, पथ वे और दो नए द्वार (गेट) का निर्माण करवाया जा रहा है। विभाग के निर्देश पर भोजनालय, अतिथिशाला और पथ वे का निर्माण कार्य जारी है। जल्द पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं, साथ ही शेष बचे कार्य भी पूरे किए जाएंगे। वही सरपंच सह न्यास समिति के सदस्य विनोद यादव ने बताया कि माता कात्यायनी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठ स्थलों में एक है। यहां माता के दाएं हाथ की पूजा-अर्चना होती है। यहां हरेक बैरागन सोमवार एवं शुक्रवार को पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मंदिर तक जाने के लिए स्टेट हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। जिसका निर्माण इस साल पूरा हो जाने की संभावना है।
जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड का मुगलकालीन ऐतिहासिक ‘52 कोठरी 53 द्वार महल अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वर्षों से उपेक्षित इस प्राचीन धरोहर को पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की पहल तेज हो गई है। जिला प्रशासन और कला-संस्कृति विभाग इसके संरक्षण और विकास को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार ने स्वयं स्थल पर पहुंचकर महल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने न सिर्फ किले की संरचना का जायजा लिया, बल्कि इसके निर्माण से जुड़े इतिहास को भी खंगाला। उल्लेखनीय है कि कि इस भव्य किले का निर्माण राजा बैरम सिंह ने कराया था। निर्माण कार्य मुगलकालीन प्रसिद्ध कारीगर मोहम्मद बरकाती मियां के नेतृत्व में हुआ था। जिन्होंने मुंगेर किले के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई थी। इस महल में 52 कमरे और 53 द्वार बनाए गए हैं, जो इसे रहस्यमयी भूलभुलैया का रूप देते हैं। महल की खासियत इसकी अद्वितीय वास्तुकला और निर्माण शैली है। इसमें राख, चूना और सुरखी का उपयोग किया गया है तथा एक से दो फीट तक के 51 प्रकार की ईंटों का प्रयोग हुआ है। महल परिसर में बने चमत्कारी मंडप के चारों खंभों पर चोट करने से अलग-अलग मधुर ध्वनियां सुनाई देती हैं। इस प्राचीन धरोहर को नई जिंदगी मिलती है तो जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलेगी।
कात्यायानी मंदिर व कसरैया धार को पर्यटन के नक्शे पर देश स्तर पर पहचान मिलेगी। जिले की प्राकृतिक सुंदरता और अनुपम छटा के लिए प्रसिद्ध कसरैया धार झील के विकास का भी सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ गया है। वर्षों से उपेक्षित इस आकर्षक झील का अब कायाकल्प होगा और यह बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगी। इसके लिए 29 करोड़ की धन राशि की भी स्वीकृति दे दी गई है।
बबलू कुमार मंडल, सदर विधायक सह सदस्य पर्यटन एवं उद्याोग समिति, बिहार।
जिले में धार्मिक एवं प्राकृतिक सथलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। पर्यटन विकास से जुड़े कार्य को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा किया जाएगा।
विक्रम विरकर, डीएम, खगड़िया।
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कैप्शन: जिले के मानसी प्रखंड के समीप एनएच 31 किनारे अपनी अद्भुत प्राकृतिक छंटा बिखेरती कसरैया धार।
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कैप्शन: जिले के परबत्ता प्रखंड अन्तर्गत भरतखंड में स्थित एंतिहासिक 52 कोठरी 53 द्वार ऐतिहासिक महल।
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कैप्शन: जिले के चौथम प्रखंड अन्तर्गत मंा कात्यायनी मंदिर में निर्माणाधीन अतिथिशाला।
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