आंवला, संवाददाता। देश में पारंपरिक उर्वरकों पर बढ़ती निर्भरता को कम करने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने को इफको की आंवला इकाई में कैटलिस्ट पूल की बैठ हुई। इसमें दिल्ली इफको मुख्यालय से आये निदेशक तकनीकी एके शर्मा ने रासायनिक उवर्रकों की खपत कम करने पर जोर दिया।
इफको संयंत्र के सभाकक्ष में हुई बैठक में वरिष्ठ महाप्रबंधक सत्यजित प्रधान और आरके शर्मा ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिस पर तकनीकी निदेशक ने देश के उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार सहित देश के 19 राज्यों में किसानों को रासायनिक उवर्रक की खपत को कम करते हुए नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और अन्य नैनो उत्पादों को उपलब्ध कराने पर बल दिया। कहा इफको ने नैनो उर्वरक जागरूकता से किसानों को आधुनिक उर्वरक तकनीक से जोड़ा है और उनकी खेती की लागत घटाई है।
आंवला यूरिया संयंत्र में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी उर्वरक तैयार किया जा रहा है। दूसरे सत्र में फूलपुर इकाई प्रमुख पीके सिंह ने उर्जा खपत को कम करने पर जोर दिया। वरिष्ठ महाप्रबंधक सत्यजित प्रधान, आरके शर्मा, वरिष्ठ महाप्रबंधक मुकेश खेतान, महाप्रबंधक अमित गुप्ता, केएन मिश्रा, अरविन्द , मनोज , गोपाल कृष्ण, अनुपम उपाध्याय, नितिन नगरारे, अरुण, चन्दन , कलोल प्रमुख पीके सिंह, एके गुप्ता, आकाश, दीपांकर, शंकर आदि मौजूद रहे।
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